डाइट सोलन में जिला स्तरीय कला उत्सव का आयोजन रंगारंग प्रस्तुतियों ने मोहा मन, नगाड़ा बजा कर छात्रा ने खींचा सभी का ध्यान

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डाइट सोलन में जिला स्तरीय कला उत्सव का आयोजन

रंगारंग प्रस्तुतियों ने मोहा मन, नगाड़ा बजा कर छात्रा ने खींचा सभी का ध्यान

देवभूमि न्यूज डेस्क
यशपाल कपूर
सोलन

हिमाचल प्रदेश : जिला सोलन के डाइट सोलन में मंगलवार को जिला स्तरीय कला उत्सव का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं में जिले भर की वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं एवं उच्च पाठशालाओं के 110 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

डाइट के प्रिंसिपल डॉ.शिवकुमार शर्मा ने किया शुभारंभ किया, जबकि पुरस्कार वितरण के मुख्यातिथि रहे डिप्टी डायरेक्टर हायर एजूकेशन सोलन डॉ.जगदीश चंद नेगी रहे। अपने संबोधन में डॉ.जगदीश चंद नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि अपनी कला और प्रतिभा को विकसित करने के लिए कला उत्सव बहुत बड़ी भूमिका निभा रहे है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति भी इस पर सबसे अधिक जोर देती है। डाइट के प्रिंसिपल डॉ.शिव कुमार शर्मा ने भी संबोधित किया।

क्या है कला उत्सव का उदेश्य
कला उत्सव की कोऑर्डिनेटर मधु ठाकुर ने बताया कि कला उत्सव, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, की वर्ष 2015 से एक ऐसी पहल है। इसका उद्देश्य माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को पहचानना, उसे पोषित करना, प्रस्तुत करना और शिक्षा में कला को बढ़ावा देना है। यह नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का भी एक विशेष लक्ष्य है। इन 10 क्षेत्रों में हुई प्रतियोगिताएं : छात्र एवं छात्राओं की अलग अलग हुई प्रतियोगिताएं

डाइट सोलन के मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ.राम गोपाल शर्मा ने बताया कि कला उत्सव में संगीत गायन -शास्त्रीय संगीत,संगीत गायन-पारंपरिक लोकगीत , संगीत वादन -अनव दृश्य कला-द्वि-आयामी, वाद्य,संगीत वादन -स्वर वाद्य,नृत्य -शास्त्रीय ,नृत्य-लोक नृत्य ,दृश्य कला-द्वि-आयामी,दृश्य-कला त्रि-आयामी ,स्थानीय खिलौने एवं खेल,नाटक -एकल अभिनय में इन विद्यार्थियों ने भाग लिया।

अपनी प्रस्तुतियों से किया सरावोर
विभिन्न पाठशालाओं से आये छात्र -छात्राओं ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतुतियों द्वारा सभी का मन मोहा। लोक संगीत में भाग ले रहे प्रतिभागियों ने अपने प्रस्तुतियों से यह दर्शा दिया की लोक संस्कृति हमारे सौन्दर्य बोध में गहरी रची बसी है। वाद्य और दृश्य कला एवं नाटक में भी यही भाव दृष्टी गोचर था। सबसे अलग रहा स्थानीय खिलौने एवं खेल, इस पर नई शिक्षा नीति शिक्षा शास्त्र तथा देश की खिलौना आर्थिकी की दृष्टि से विशेष बल देती है।
ये रहे निर्णायक मंडल के सदस्य
निर्णायक मंडल में डॉ.कामेश्वर शर्मा, डॉ.नीलम चौहान , डॉ.विजेश पांडे, गरिमा प्रभाकर ,हरी सिंह, राज कुमार, डॉ.वंदना, राज कुमार ,डी.के. मेहता , नितांत ,किशोर ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
कला उत्सव की कोऑर्डिनेटर मधु ठाकुर ने बताया कि हर वर्ग में प्रथम आने वाली टीम राज्य स्तरीय कला उत्सव में भाग लेंगे। मंच का संचालन मनीषा तोमर व रविन्द्र सिंह ने किया। डाइट का स्टाफ की तथा छात्र सभी मौजूद रहे।
परिणाम
1. संगीत गायन -शास्त्रीय संगीत
2. संगीत गायन-पारंपरिक लोकगीत
3. संगीत वादन -अनवद्ध वाद्य,
4. संगीत वादन -स्वर वाद्य
5. नृत्य -शास्त्रीय
6. नृत्य-लोक नृत्य
7. दृश्य कला-द्वि-आयामी
8. दृश्य कला-त्रिआयामी
9. स्थानीय खिलोने एवं खेल,
10 .नाटक -एकल