चुंबन की कैसे हुई थी शुरुआत ? दुनिया का पहला किस किसने लिया

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चुंबन की कैसे हुई थी शुरुआत ? दुनिया का पहला किस किसने लिया

देवभूमि न्यूज डेस्क
चुम्बन दिवस पर विशेष

चुम्बन अथवा किस का नाम सुनते ही दिमाग में कुछ रोमांटिक तस्वीर बनती है, लेकिन यह उतना रोमांटिक नहीं होता, जितना हम समझ चुके हैं। दुनिया भर में लोग किस करके अपने प्यार का इजहार करते हैं। आपने देखा होगा कि जब किसी से ज्यादा प्यार हो जाता है तो लोग उसे जताने के लिए किस का सहारा लेते हैं।
जैसे माँ अपने बच्चे को चूमती है, बच्चा माँ को चूमता है। वहीं कपल्स एक-दूसरे को किस कर अपने प्यार का इजहार करते हैं। वहीं, किस को कई देशों में बैन भी कर दिया गया था। किस करने से लोग एक-दूसरे से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि किस की शुरुआत कैसे और कहां से हुई। आइए आपको बताते हैं इस बारे में लोगों की राय.

किस के बारे में कुछ लोगों का कहना है कि पहली बार किस किसी हादसे की वजह से हुआ होगा, जिसे पसंद किया गया होगा। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि इसकी शुरुआत मां के दूध पिलाने से हुई होगी। कहा जाता है कि पहले निवाला सीधे बच्चों के मुंह में नहीं डालते थे, बल्कि चबाया हुआ डालते थे, तो शायद इसका आविष्कार क्या हुआ होगा। दूसरी ओर, कुछ लोगों का कहना है कि चिम्पैंजी माताएँ अपने बच्चों को दुलारते समय चुंबन करती हैं। ऐसा भी हो सकता है कि किस करने का लेन-देन हमने अपने पूर्वजों से सीखा हो।

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि किस एक-दूसरे को सूंघते हुए हुआ होगा, तभी से उन्होंने किस करना शुरू किया। कहा जाता है कि पहले सूंघने का चलन था (मतलब सूंघकर एक-दूसरे का अभिवादन किया करते थे)।

किस को भले ही प्यार जताने के तरीके की तरह देखा जाता है, लेकिन मध्यकालीन यूरोप में इसे ग्रीटिंग की तरह देखा जाता है. जो हल्के ओहदे वाले लोग ऊंचे ओहदेदारों के साथ करते. दो बराबरी के लोग आपस में मिलते हुए माथे या होठों पर किस करते, जबकि गैर-बराबरी की मुलाकात में केवल नीचे के ओहदे वाला ही ऊपर वाले को चूमता, वो भी हाथ या पैर या फिर कपड़े के किनारे को किस करते हैं.

इसके बाद चुंबन का रूप और गहराता गया. ये ज्यादा इंटेन्स हो गया. खासकर होठों पर चुंबन प्यार का प्रतीक बनने लगा. हालांकि फिलहाल किस के जिस स्वरूप पर फ्रांस अपना ठप्पा लगाता है, उसकी शुरुआत किसी फ्रांसीसी जोड़े से हुए होगी. वहीं होठों पर चुंबन को फ्रेंच किस भी कहा जाता है.

किस का नाम सुनते ही दिमाग में कुछ रोमांटिक तस्वीर बनती है, लेकिन यह उतना रोमांटिक नहीं होता, जितना हम समझ चुके हैं। दुनिया की कम से कम 54 प्रतिशत आबादी ऐसा सोचती है। अमेरिकन एंथ्रोपोलॉजिस्ट एसोसिएशन ने कुछ साल पहले एक रिसर्च की थी, जिसमें दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की 168 संस्कृतियों को शामिल किया गया था।

यह पाया गया कि केवल 46 प्रतिशत लोग किसिंग को रोमांस से जोड़ते हैं, खासकर होठों पर किस करने से। दूसरों ने चुंबन के इस रूप को रोमांस से जोड़ने से साफ इनकार कर दिया।

वहीं, किस को आज भी दुनिया के कई हिस्सों में बुरा माना जाता है। सोमालिया में किस को बीमारी फैलाने की साजिश के तौर पर देखा जा रहा है। इसी तरह बोलिविया की सिरियोनो जनजाति किसिंग से कोसों दूर है। ये भी हो सकता है कि एक-दूसरे को पहचानने या प्यार का इजहार करने के लिए ये अब भी महकने जैसा प्राचीन हावभाव अपना लें।

चीनी अखबार पीपुल्स डेली ऑनलाइन के अनुसार पहली बार किस कही और नहीं बल्कि चीन में किया गया था। चीन के हान राजवंश में पहली बार किस किया गया था। हालांकि उन्होंने इस बात का कोई भी प्रूफ नहीं दिया था। कुछ प्रेमी जोड़े की तस्वीर देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जाता है कि सबसे पहली बार किस चीन के कपल ने ही किया था।

चीन से शुरू हुई थी यह परंपरा !

देखते ही देखते चीन में ये परंपरा बढ़ती गई। इसके बाद यह पूरे दुनिया में फैल गई। यह परंपरा पहली चीन की सातवीं सदी में शुरू हुई थी। वहीं एक बात लगभग सभी कहते हैं कि पहला किस एक हादसा रहा होगा। बता दें कि 17वीं सदी में जब दुनिया का बड़ा हिस्सा प्लेग से दम तोड़ रहा था, उस समय ब्रिटेन व कई अन्य देशों ने चुम्बन पर प्रतिबंध लगा दिया था