छत्तीसगढ़ सरकार ने मिडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक ओर अधिकार 2023 पारित
देवभूमि न्यूज़ डेस्क
सिरमौर
हिमाचल सरकार भी मिडिया कर्मियों के पक्ष में कोई ऐतिहासिक कदम उठाने की पैरवी करेंगी?
देश का चौथा स्तम्भ मिडिया जिसकी एहमियत आज हर क्षेत्र में देखने ओर सुनने को मिलती हैं जिस मिडिया की बजह से हम घर बैठे देश विदेश की हर पल पल की खबर मिलती है और हम हर जानकारी मिडिया बन्धुओं ओर मिडिया के माध्यम से प्राप्त होती है

और सरकार की हर योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने में मिडिया बन्धुओं की एक बहुत बड़ी भूमिका रहती है चाहे वह प्रिंट मिडिया हो चाहे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सभी की अहमियत हमारे जीवन ओर सरकारों के कार्यक्षेत्र में रहतीं हैं उसी को मध्यनजर रखते हुए आज जहां छत्तीसगढ़ सरकार ने मिडिया सुरक्षा व अधिकार विधेयक 2023 में को पारित कर दिया है और जो भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय साबित होने वाला है जिसमें हर पत्रकार को सुरक्षा मुहैया ओर उनके अधिकारों के लिए विस्तार से विधानसभा में पारित हुआ है और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में विस्तार से चर्चा की ओर विधानसभा में इस गंभीर ओर ऐतिहासिक निर्णय पर हाउस को अवगत करवाया संभव है

कि इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद कई अन्य प्रदेशों में भी इसको लागू करने के लिए राज्य सरकारें जरूर इस गंभीर विषय पर चर्चा व अपने प्रदेश में लागू करवाएंगे ,इस प्रकार आज हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुखु जी से भी निवेदन ओर आग्रह रहेगा की आप जल्द इस गंभीर मुद्दे पर मिडिया बन्धुओं के पक्ष में हिमाचल प्रदेश में मिडिया सुरक्षा व अधिकार अधिनियम 2023 में लागू करवाएं ताकि मिडिया कर्मी बिना किसी दबाव, बिना किसी डर ओर बिना किसी राजनीतिक दखलंदाजी ओर बिना लालच के अपनी बैवाक शैली से पत्रकारिता ईमानदारी से करते रहे हैं और यदि कोई ख़तरा महसूस हो तो मिडिया बन्धुओं को सुरक्षा मुहैया हो पाए और वह एक सम्मानजनक जीवन जीता रहें और सरकार उसके जीवन ओर उसके परिवार को उचित सुरक्षा और अधिकार को प्रदान करें ताकि एक ईमानदार पत्रकार के जीवन में उच्च नैतिक मूल्यों का कभी पतन ना हो पाएं जो पत्रकार सुबहा से शाम तक ओर कभी कभी तो रात को भी कवरेज ओर पत्रकारिता करने को मजबूर होना होता है उसी सुरक्षा और अधिकार के लिए हिमाचल प्रदेश की नई सरकार से भी उम्मीद ओर आशा करतें हैं कि जैसा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुखु जी कहते भी हैं कि हम सत्ता के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं तो उसी को मध्यनजर रखते हुए देश के चौथे स्तम्भ मिडिया बंधुओं को भी ये उम्मीद जगी है कि उनके जीवन ओर भविष्य में भी ज़रूर प्रदेश सरकार कुछ सकारात्मक क़दम उठाएंगी जो पत्रकार जनता की आवाज सरकार व प्रशासन तक हर पल ओर हर दिन उठाने में हमेशा तत्पर रहता है और हर ग़रीब से ग़रीब व्यक्ति ओर निचले तबके की आवाज ओर हर वर्ग की आवाज सरकार से जनता तक ओर जनता से सरकार व प्रशासन तक हमेशा उठाते रहते हैं तो हम सभी युवाओं और जागरूक नागरिक और जनता का भी फर्ज बनता है कि हम सभी की हर क्षेत्र ओर हर वर्ग की आवाज बुलंद करने वाले मिडिया बन्धुओं के पक्ष ओर उनकी सुरक्षा व अधिकार अधिनियम 2023 में लागु करने के लिए सरकार से निवेदन ओर आग्रह करने में एक छोटी सी भूमिका जरूर निभानी चाहिए ताकि एक पत्रकार के जीवन में ओर भविष्य में एक सकारात्मक परिणाम ओर सुरक्षा व अधिकार मिलते रहे ओर साथ ही पत्रकार निड़र ओर बिना किसी दबाव और दखलंदाजी के स्वतन्त्र पत्रकारिता करता रहें जो देश व प्रदेश के लिए अतिआवश्यक भी है और लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ मिडिया उसकी अहमियत ओर वजूद सदा बना रहे इसलिए आज हिमाचल प्रदेश सरकार को इस गंभीर ओर अतिसंवेदनशील विषय पर भविष्य में ऐतिहासिक निर्णय करने की परम् आवश्यकता भी है अगर सरकार इस विषय पर चर्चा ओर व आंकलन भविष्य में करतीं हैं तो संभव है कि हिमाचल प्रदेश में भी पत्रकार बंधुओं के पक्ष में (मिडिया सुरक्षा व अधिकार अधिनियम विधेयक 2023) में विधानसभा में पारित हो जाए ऐसी आशा व उम्मीद करते हैं।
स्वतंत्र- लेखक हेमराज राणा