हाईकोर्ट की फटकार: हर कर्मचारी को दुर्गम क्षेत्र में सेवाएं देना अनिवार्य

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देवभूमि न्यूज 24.इन

हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत अब सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अपने सेवाकाल के दौरान एक बार दुर्गम, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं देना अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की फटकार के बाद आया है, जिसने राज्य सरकार को कर्मचारियों की समान तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

नए निर्देशों की मुख्य बातें:

दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती: सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को अपने सेवाकाल में कम से कम एक बार दुर्गम, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं देनी होंगी। समान तैनाती: सरकार ने स्पष्ट किया है कि एक ही कर्मचारी को बार-बार दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में तैनाती नहीं दी जानी चाहिए।
अनुशासनात्मक कार्रवाई: निर्देशों का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान पोस्टिंग पैटर्न की समीक्षा: सभी विभागों को अपने वर्तमान पोस्टिंग पैटर्न की समीक्षा करने और आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम*: अनुपालन की निगरानी और शिकायतों का समाधान करने के लिए एक डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम शुरू करने की संभावना है।

यह निर्णय कर्मचारियों की समान तैनाती सुनिश्चित करने और दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए कर्मचारियों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे कर्मचारियों को विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का अनुभव प्राप्त करने और सरकार को अपनी सेवाएं देने का अवसर मिलेगा