पूजा में आंखें बंद करके ही क्यों किया जाता है मंत्रों का जाप?-डॉ दीपक दुबे

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*देवभूमि न्यूज 24.इन*

⭕पूजा-पाठ और मंत्र जाप भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा हैं. जब भी हम मंदिर में जाते हैं या घर पर पूजा करते हैं, तो एक बात सामान्य रूप से देखने को मिलती है. भक्त आंखें बंद करके मंत्रों का उच्चारण करते हैं. परंतु क्या कभी आपने सोचा है कि आंखें बंद क्यों की जाती हैं? क्योंकि यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि इसके पीछे गहन वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारण छिपे हुए हैं. आइए, विस्तार से जानते हैं.

📿आंतरिक ध्यान की ओर ले जाता है
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मंत्र जाप का प्राथमिक उद्देश्य मन को एकाग्र करना और उसे बाहरी विचलनों से मुक्त करना है. जब हम अपनी आंखें बंद करते हैं, तो हम दृश्य उत्तेजनाओं को काफी हद तक कम कर देते हैं. हमारी आंखें आसपास के वातावरण से लगातार जानकारी प्राप्त करती रहती हैं, और ये दृश्य अक्सर मन को भटकाने का काम करते हैं. आँखें बंद करने से हम इन बाहरी उत्तेजनाओं से कट जाते हैं, जिससे मन को शांत करना और उसे केवल मंत्र की ध्वनि और उसके अर्थ पर केंद्रित करना आसान हो जाता है. यह आंतरिक ध्यान को गहरा करने में मदद करता है.

🪔ईश्वर के साथ आत्मिक संबंध
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मंत्र जाप केवल उच्चारण मात्र नहीं है, यह एक साधना है. आंखें बंद करने से व्यक्ति अपने आसपास की दुनिया को भूलकर ईश्वर के साथ गहराई से जुड़ पाता है. यह स्थिति •‘एकाग्रता’ और •‘भक्ति’ दोनों को मजबूत करती है.

⚜️बाहरी हलचल से बचाव
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जब आंखें खुली रहती हैं तो आसपास की हलचल या दृश्य हमारे ध्यान को भंग कर सकते हैं. आंखें बंद कर लेने से इन सब हलचलों से बचा जा सकता है और पूजा या मंत्र जाप अधिक प्रभावी होता है.

🪔आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार
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मान्यता है कि जब हम आंखें बंद करके पूजा करते हैं, तो हमारी चेतना अधिक सक्रिय होती है. इस अवस्था में मंत्रों की ध्वनि हमारे अंतर्मन में गहराई से उतरती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

🛑वैज्ञानिक दृष्टिकोण
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वैज्ञानिकों का मानना है कि आंखें बंद करने से मस्तिष्क की अल्फा वेव्स सक्रिय होती हैं, जिससे मन शांत होता है और तनाव कम होता है. इससे मंत्र जाप की गुणवत्ता भी बढ़ जाती है.

🪔प्राचीन ग्रंथों में भी उल्लेख
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वेदों और उपनिषदों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मंत्र जाप मन, वाणी और आत्मा से होना चाहिए. आंखें बंद करके मंत्रों का उच्चारण करना इस सिद्धांत को पूर्णता देता है.

📿मंत्रों की ऊर्जा भीतर समाहित होती है
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जब हम आंखें बंद करके मंत्रों का जाप करते हैं, तो वह ऊर्जा केवल बाहर नहीं, भीतर भी प्रवेश करती है. यह आत्मा को शुद्ध करती है और मानसिक शांति प्रदान करती है.

         *🚩हरिऊँ🚩*