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⭕अंग्रेजी कैलेंडर के महीनों के नाम तो छोटे बच्चे भी आसानी से बता देते हैं, लेकिन जब बात हिंदी पंचांग के महीनों की आती है, तो बड़ी उम्र के लोग भी सभी महीनों के नाम सोचते हुए असमंजस में पड़ जाते हैं या बोलते-बोलते बीच में ही अटक जाते हैं।
बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो अंग्रेजी भाषा नहीं जानते, लेकिन जनवरी से दिसंबर तक सभी महीनों के नाम जरूर जानते हैं। वहीं, हिंदी महीनों के नाम और उनका समय जानने वाले लोगों की संख्या काफी कम है। अगर आपको भी हिंदी पंचांग के महीनों की पूरी जानकारी नहीं है, तो यहां इसे आसान भाषा में समझ लीजिए।
⚜️हिंदी पंचांग में भी होते हैं 12 महीने
अंग्रेजी कैलेंडर की तरह हिंदी पंचांग में भी कुल 12 महीने होते हैं। हिंदू धर्म में नए साल की शुरुआत चैत्र महीने की प्रतिपदा (पहली) तिथि से मानी जाती है। यही कारण है कि चैत्र माह को हिंदी पंचांग का पहला महीना कहा जाता है। यह महीना आमतौर पर मार्च के मध्य से अप्रैल के मध्य तक रहता है। इसके बाद वैशाख माह आता है।
⚜️प्राचीन संस्कृति से जुड़ा है हिंदी कैलेंडर
भारतीय संस्कृति अत्यंत प्राचीन है और आज भी सभी धार्मिक और कई सामाजिक कार्य हिंदी कैलेंडर के अनुसार ही किए जाते हैं। विशेषकर मुंडन, जनेऊ, शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए हिंदू पंचांग के अनुसार ही तिथि और मुहूर्त निकाला जाता है। हिंदी पंचांग के 12 महीने पारंपरिक हिंदू चंद्र कैलेंडर का हिस्सा हैं, जिनकी जड़ें प्राचीन धार्मिक और कृषि परंपराओं से जुड़ी हुई हैं। इन महीनों के नाम और उनका महत्व सदियों से चला आ रहा है।
⚜️कब शुरू होता है हिंदू नववर्ष?
हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि से होती है। चैत्र हिंदी कैलेंडर का पहला महीना होता है, जबकि फाल्गुन साल का आखिरी महीना माना जाता है। हिंदी पंचांग के सभी 12 महीनों के नाम और अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार उनकी शुरुआत और समापन कब होता है? यहां आप विस्तार से जान सकते हैं।
⚜️क्रम हिंदी महीना, अंग्रेजी कैलेंडर अवधि प्रमुख जानकारी
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🚩1. चैत्र:- मार्च मध्य से अप्रैल मध्य, इस माह से हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है, जिसकी शुरुआत में चैत्र नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।
🚩2. वैशाख:- अप्रैल मध्य से मई मध्य, यह हिंदू वर्ष का दूसरा महीना है।
🚩3. ज्येष्ठ:- मई मध्य से जून मध्य, यह हिंदी कैलेंडर का तीसरा महीना होता है।
🚩4. आषाढ़:- जून मध्य से जुलाई मध्य, यह हिंदी कैलेंडर का चौथा महीना होता है। आषाढ़ से ही मानसून की शुरुआत होती है।
🚩5. श्रावण:- सावन जुलाई मध्य से अगस्त मध्य, श्रावण हिंदी कैलेंडर का पांचवां महीना है, जो भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है।
🚩6. भाद्रपद:- अगस्त मध्य से सितंबर मध्य, इसे •भादों भी कहा जाता है। इस माह में तीज और गणेश चतुर्थी जैसे प्रमुख त्योहार आते हैं।
🚩7. अश्विन:- सितंबर मध्य से अक्टूबर मध्य, यह हिंदी पचांग का सातवां महीना है। इसे •क्वांर भी कहा जाता है। नवरात्रि-दशहरा इसी महीने आते हैं।
🚩8. कार्तिक:- अक्टूबर मध्य से नवंबर मध्य, यह आठवां महीना है। इस माह में हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार दिवाली का पर्व मनाया जाता है।
🚩9. मार्गशीर्ष:- नवंबर मध्य से दिसंबर मध्य , यह हिंदी कैलेंडर का नौवां महीना है। इसे •अगहन के नाम से भी जाना जाता है।
🚩10 . पौष:- दिसंबर मध्य से जनवरी मध्य यह हिंदू धर्म का दसवां महीना है। इसे •पूस भी कहा जाता है। इस समय ठंड चरम पर होती है।
🚩11. माघ:- जनवरी मध्य से फरवरी मध्य , यह हिंदी कैलेंडर का ग्यारहवां महीना है।
🚩12. फाल्गुन :- फरवरी मध्य से मार्च मध्य, यह हिंदू वर्ष का अंतिम महीना है। इस महीने में होली का त्योहार आता है।
*🚩हरिऊँ🚩*