देवभूमि न्यूज 24.इन
चंडीगढ़
हरियाणा भाजपा में अब दूसरे दलों के नेताओं या पार्टी छोड़ चुके नेताओं की सीधी एंट्री नहीं होगी। भाजपा में शामिल होने के इच्छुक नेताओं को पहले स्क्रीनिंग टेस्ट से गुजरना होगा। इसके लिए पार्टी ने प्रदेश और जिला स्तर पर ज्वाइनिंग कमेटियों का गठन किया है।
भाजपा में शामिल होने के इच्छुक नेताओं की प्राथमिक जांच पहले जिला स्तरीय कमेटी करेगी। इसके बाद जिला कमेटी अपनी रिपोर्ट प्रदेश स्तरीय कमेटी को भेजेगी। दोनों कमेटियों की सिफारिश के बाद ही किसी नेता की भाजपा में एंट्री संभव हो पाएगी।
दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव और अक्तूबर 2024 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर अन्य दलों, खासकर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इनमें से अधिकांश नेता अब दोबारा भाजपा में लौटना चाहते हैं।
विधानसभा चुनाव 2024 में नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भाजपा ने 48 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई, जिसके बाद पार्टी छोड़ चुके नेताओं की भाजपा में वापसी की इच्छाएं तेज हो गईं। वहीं, लोकसभा चुनावों में राज्य की 10 सीटों में से 5 भाजपा और 5 कांग्रेस ने जीती थीं, जिससे उस समय कांग्रेस के पक्ष में माहौल बना था।
भाजपा सरकार के दस वर्षों के कार्यकाल को लेकर एंटी-इन्कम्बेंसी की चर्चा के बीच कई नेताओं ने टिकट कटने के कारण कांग्रेस का दामन थाम लिया था। हालांकि कांग्रेस में सीमित टिकट मिलने और सत्ता से दूर रहने के बाद ऐसे नेताओं की उम्मीदों को झटका लगा।
पार्टी प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली की स्वीकृति के बाद प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया ने प्रदेश व जिला ज्वाइनिंग कमेटियों की सूची जारी की है।
पूर्व सांसद और भाजपा संसदीय बोर्ड की सदस्य डॉ. सुधा यादव के नेतृत्व में प्रदेश स्तरीय कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में समाज कल्याण मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, पूर्व शिक्षा एवं कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर और पूर्व शहरी स्थानीय निकाय मंत्री सुभाष सुधा को सदस्य बनाया गया है।
भाजपा छोड़कर गए नेताओं और अन्य दलों से आने वाले नेताओं की घर वापसी में यह कमेटी निर्णायक भूमिका निभाएगी।