देवभूमि न्यूज 24.इन
नई दिल्ली
संसद के बजट सत्र के दौरान लगातार दूसरे दिन लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। मंगलवार को सदन में अनुशासनहीनता के आरोप में कांग्रेस के सात और माकपा के एक सांसद को शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। इन सांसदों पर पीठासीन सभापति की ओर कागज फाड़कर उछालने और सदन की गरिमा भंग करने का आरोप है।
घटना मंगलवार अपराह्न करीब तीन बजे की है, जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी की और आसन के समीप कागज के टुकड़े फेंके। इसके बाद पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने कार्रवाई करते हुए संबंधित सांसदों के नाम लिए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने नियम 374(2) के तहत आठों सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव सदन में रखा, जिसे ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
निलंबित किए गए सांसद
गुरदीप सिंह औजला – कांग्रेस
मणिकम टैगोर – कांग्रेस
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग – कांग्रेस
किरण कुमार रेड्डी – कांग्रेस
हिबी ईडन – कांग्रेस
डीन कुरियाकोस – कांग्रेस
प्रशांत पडोले – कांग्रेस
एस. वेंकटेशन – माकपा
बताया गया कि हंगामे की पृष्ठभूमि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने की अनुमति न मिलने से जुड़ी है। राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के संस्मरणों और चीन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे, जिसे लेकर विवाद बढ़ गया।
निलंबन के विरोध में प्रदर्शन आठ सांसदों के निलंबन के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने विरोध तेज कर दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए और संसद में संवाद की परंपरा का सम्मान किया जाना चाहिए।