सुक्खू सरकार के लिए बीमार लोग सबसे आसान शिकार: जयराम ठाकुर

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देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के लिए प्रदेश के बीमार लोग सबसे आसान शिकार बन गए हैं। जब चाहे, उनके खिलाफ कोई भी फैसला थोप दिया जाता है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित फ्री डायग्नोस्टिक इनिशिएटिव सर्विस के तहत प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को नि:शुल्क जांच सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना में कुल खर्च का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार को वहन करना होता है, जबकि 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देती है। बावजूद इसके सुक्खू सरकार की नजर अब इस योजना पर भी टेढ़ी हो गई है और अस्पतालों में जांच के दाम बढ़ाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक वेलफेयर स्टेट होने के नाते राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने जरूरतमंद लोगों की मदद करे। यह काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार कर रही है, लेकिन सुक्खू सरकार पीछे हटती नजर आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक बीमार व्यक्ति से ज्यादा जरूरतमंद और कौन हो सकता है? लेकिन आर्थिक तंगी का बहाना बनाकर सरकार बार-बार स्वास्थ्य सुविधाएं छीनने का काम कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जहां केंद्र सरकार देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का काम कर रही है, वहीं प्रदेश की सुक्खू सरकार 75 लाख आबादी से नि:शुल्क जांच का अधिकार छीनने जा रही है। मुख्यमंत्री का तथाकथित वित्तीय अनुशासन और बुद्धिमत्ता सिर्फ स्वास्थ्य सुविधाओं में कटौती करने में ही दिखाई देती है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मात्र 10 प्रतिशत हिस्सेदारी न देने के कारण प्रदेश में नि:शुल्क जांच सुविधा लगातार प्रभावित हो रही है, जबकि दूसरी ओर पिछले एक सप्ताह में अधिकारियों को इंटरनेट भत्ता दिया गया, मुख्यमंत्री के एक मित्र को बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया और पंचायत चुनाव समय पर न कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक का रुख किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सलाहकारों की फौज खड़ी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, असंवैधानिक सीपीएस थोपे गए और उन्हें बचाने के लिए करोड़ों रुपये वकीलों पर खर्च किए गए।
उन्होंने कहा कि सरकार अपने खर्चों पर नियंत्रण करने की बजाय हमेशा आम आदमी को ही निशाना बनाती है। पहले बीमार लोगों के लिए वरदान साबित हुई हिमकेयर योजना को बंद किया गया, जिससे लोग इलाज के लिए कर्ज लेने को मजबूर हुए। अब केंद्र सरकार की नि:शुल्क जांच योजना को बंद करने और बाकी जांचों के दाम बढ़ाने का फरमान सुनाया जा रहा है, जो पहले से ही बीमारी का दर्द झेल रहे लोगों के लिए किसी कुठाराघात से कम नहीं है।
जयराम ठाकुर ने सवाल किया कि प्रदेश का आम आदमी सुक्खू सरकार के तथाकथित व्यवस्था परिवर्तन का दर्द क्यों झेले? मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे अपने मित्रों और चहेतों पर हो रहे बेहिसाब खर्च पर लगाम लगाएं। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ हो रहा यह अन्याय तुरंत बंद होना चाहिए। बीमार लोगों को परेशान करने के सुक्खू सरकार के हर कृत्य की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है।