पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ लीक, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

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देवभूमि न्यूज 24.इन
नई दिल्ली

दिल्ली पुलिस ने पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे द्वारा लिखित ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अप्रकाशित किताब के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। सोमवार को दिल्ली पुलिस द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि, जांच में सामने आया है कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नाम की एक टाइपसेट पीडीएफ कॉपी कुछ वेबसाइटों पर उपलब्ध है, जो कथित तौर पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार की गई है। इसके अलावा, कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म पर इस किताब का कवर भी बिक्री के लिए उपलब्ध दिखाया गया है। जबकि संबंधित अधिकारियों से इस किताब के प्रकाशन की अनुमति नहीं मिली है।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस ने कहा, इस संभावित लीक और नियमों के उल्लंघन की गंभीरता को देखते हुए मामले में स्पेशल सेल में केस दर्ज किया गया है। साथ ही इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है और इसके स्रोत व जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है।
क्या है विवाद?
पिछले सप्ताह संसद परिसर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कथित तौर पर इस पुस्तक की एक प्रति दिखाते हुए देखा गया था। इस मामले के चलते लोकसभा की कार्यवाही बाधित हुई और मौजूदा बजट सत्र के शेष भाग के लिए इस मुद्दे पर आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया।
किताब के मुद्दे पर सरकार पर हमलावर हैं राहुल गांधी
सोमवार को भी लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस किताब को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, कि कहानी कुछ दिन पहले शुरू हुई जब मनोज मुकुंद नरवणे की किताब का मामला आया, और सरकार नहीं चाहती थी कि मैं उस पर बिल्कुल भी बात करूं, इसलिए उन्होंने सदन को रोक दिया। उन्होंने मुझे बोलने नहीं दिया। ऐसा तीन-चार बार हुआ। पहले, उन्होंने कहा कि मैं किसी किताब का हवाला नहीं दे सकता। फिर मैंने कहा कि मैं किसी किताब का हवाला नहीं दे रहा हूं, मैं एक मैगजीन का हवाला दे रहा हूं। फिर उन्होंने कहा कि आप किसी मैगजीन का हवाला नहीं दे सकते। फिर मैंने कहा कि मैं इस बारे में बात करूंगा। फिर वे नहीं चाहते थे कि मैं इस बारे में बात करूं। रक्षा मंत्री ने झूठ कहा कि किताब पब्लिश नहीं हुई है। असल में, किताब पब्लिश हो चुकी है और हमारे पास उसकी एक कॉपी भी है।
राहुल गांधी ने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है, जब विपक्ष के नेता और पूरे विपक्ष को राष्ट्रपति के भाषण में बोलने की इजाजत नहीं दी जाती। दूसरा मुद्दा यह है कि भाजपा के एक सांसद ने किताबें, कई किताबें कोट करते हुए बात की, बहुत घटिया बातें कहीं, और उसे कुछ नहीं कहा गया। हमें यह बात पसंद नहीं है कि वे जब चाहें, जो चाहें कह सकते हैं, और विपक्ष नहीं कह सकता। तीसरा मुद्दा हमारे सदस्यों का सस्पेंशन है