देवभूमि न्यूज 24.इन
चंडीगढ़/मानसा
पंजाब में बिजली बिलों की देरी को लेकर खपतकारों की चिंता बढ़ती जा रही है। पावरकॉम द्वारा पिछले दो से तीन महीनों से नियमित रूप से बिजली बिल जारी न किए जाने के कारण मानसा समेत पूरे प्रदेश में उपभोक्ता असमंजस की स्थिति में हैं।
हालांकि पंजाब सरकार 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा दे रही है, लेकिन बिल समय पर न मिलने से लोग अपनी खपत का सही आकलन नहीं कर पा रहे। खासकर वे उपभोक्ता जो हर दो महीने में अपनी खपत को 300 यूनिट की सीमा में रखने की कोशिश करते हैं, अब संशय में हैं। उनका कहना है कि यदि तीसरे महीने खपत बढ़ गई और तीन महीनों की कुल रीडिंग के आधार पर एकमुश्त बिल जारी हुआ, तो वे मुफ्त बिजली योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
व्यापारियों की बढ़ी परेशानी
शहर के व्यापारियों और दुकानदारों का कहना है कि कमर्शियल कनेक्शनों पर पहले ही बिजली की खपत अधिक रहती है। यदि कई महीनों का बिल एक साथ जारी हुआ तो बड़ी रकम एकमुश्त जमा कराना कठिन होगा। कुछ व्यापारियों ने यह भी आशंका जताई है कि बिल देर से आने पर पेनल्टी या सरचार्ज लगाया जा सकता है, जबकि देरी विभागीय स्तर पर हो रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
पावरकॉम अधिकारियों ने औपचारिक रूप से कुछ भी कहने से परहेज किया, लेकिन अनौपचारिक बातचीत में स्वीकार किया कि समस्या केवल मानसा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में है। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी खामियों और हाल ही में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिलिंग प्रक्रिया प्रभावित हुई है, जिससे बिल जारी करने में देरी हो रही है।
उपभोक्ताओं की मांग
उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि विभाग की ओर से बिल देर से जारी किए जाते हैं, तो उन पर किसी प्रकार की पेनल्टी या सरचार्ज न लगाया जाए। साथ ही मुफ्त बिजली की सुविधा भी प्रभावित न हो। उनका तर्क है कि विभागीय चूक का बोझ आम जनता पर नहीं डाला जाना चाहिए।
गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को आशंका है कि कई महीनों का बिल एक साथ आने से घरेलू बजट पर भारी असर पड़ सकता है। खपतकारों ने पंजाब सरकार और पावरकॉम प्रबंधन से इस मुद्दे पर शीघ्र हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है।