हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 4 लाख फर्जी दाखिला केस: CBI ने दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट, अदालत की मंजूरी बाकी

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देवभूमि न्यूज 24.इन
चंडीगढ़

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में करीब चार लाख कथित फर्जी दाखिलों के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को पंचकूला की विशेष अदालत में दो मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। जांच एजेंसी का कहना है कि किसी भी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। हालांकि, रिपोर्ट पर विशेष अदालत की स्वीकृति अभी शेष है।
हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान खुला मामला
यह मुद्दा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अतिथि अध्यापकों से जुड़ी सुनवाई के दौरान सामने आया था। मार्च 2016 में हुए सत्यापन में पाया गया कि सरकारी स्कूलों में दर्ज 22 लाख विद्यार्थियों में से लगभग 18 लाख ही वास्तविक थे। जांच में संकेत मिले कि कमजोर और निम्न आय वर्ग के छात्रों के लिए संचालित योजनाओं, विशेषकर मिड-डे मील, के कथित दुरुपयोग की आशंका है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि अचानक चार लाख बच्चे कहां गायब हो गए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अदालत ने सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
प्रारंभिक जांच और एफआईआर
शुरुआती जांच राज्य सतर्कता ब्यूरो को सौंपी गई थी। वर्ष 2018 में सात एफआईआर दर्ज की गईं। करनाल, हिसार और फरीदाबाद समेत कई जिलों में हजारों ड्रॉपआउट, अनुपस्थित या स्कूल छोड़ चुके छात्रों के नाम पर दाखिलों में अनियमितताएं सामने आईं।
राज्य के 12,924 स्कूलों से आंकड़े जुटाए गए, जिनमें 22 जिलों के 532 स्कूलों में ड्रॉपआउट दर 40 प्रतिशत से अधिक पाई गई।
2019 में CBI को सौंपी गई जांच
मामले की जांच में देरी को देखते हुए नवंबर 2019 में केस CBI को सौंप दिया गया। सुप्रीम कोर्ट में चुनौती खारिज होने के बाद CBI ने 2024 में चार केस दर्ज किए। अब दो मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है। अदालत के निर्देशानुसार विस्तृत दस्तावेजी रिकॉर्ड भी प्रस्तुत किया जाएगा।
फिलहाल, सभी की निगाहें विशेष अदालत के फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की जाती है या आगे जांच/कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं।