भगवान शिव को प्रसन्न करने के उपाय जानते है वास्तु शास्त्री डॉ सुमित्रा से

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डॉ सुमित्रा अग्रवाल
सेलिब्रिटी वास्तु शास्त्री
कोलकाता,यूट्यूब वास्तुसुमित्रा
देवभूमि न्यूज 24.इन
भगवान शिव को प्रसन्न करने के उपाय
शिव पुराण और अन्य ग्रंथों के अनुसार, शिव सरल भक्ति से प्रसन्न होते हैं। मुख्य उपाय:

ॐ नमः शिवाय मंत्र का रोज जाप (१०८ बार या १००८ बार ) – विशेष रूप से प्रातःकाल या शाम को।
शिवलिंग पर जलाभिषेक – रोज या सोमवार/प्रदोष/महाशिवरात्रि पर। बेलपत्र, दूध, शहद, दही, घी से अभिषेक करें।
रुद्राभिषेक या महामृत्युंजय मंत्र जाप-
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्.
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥” – स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए।
बिल्वपत्र चढ़ाना – शिव को सबसे प्रिय।
व्रत और जागरण – सोमवार व्रत या महाशिवरात्रि पर।
दान – दूध, चावल, कंबल, काले तिल दान करें।
ध्यान और भजन – शिव चालीसा या शिव तांडव स्तोत्र का पाठ।
शिव को क्रोध, अहंकार और तामसिक भोजन से दूर रहकर प्रसन्न किया जाता है।

जलाभिषेक का सबसे शुभ मुहूर्त शिव पुराण के अनुसार:

ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से 1.5-2 घंटे पहले (सुबह लगभग 4-6 बजे) – सबसे शुभ, आत्मशुद्धि और फलदायी।
प्रातःकाल – सुबह 5 बजे से 11 बजे तक (खासकर 7-11 बजे) – रोजाना के लिए सर्वोत्तम।
प्रदोष काल – सूर्यास्त से पहले और बाद में 1.5 घंटे (शाम को शिव पूजा के लिए विशेष)।
शाम का समय – सूर्यास्त के बाद जलाभिषेक से बचें (कुछ मतों में निषिद्ध)।
महाशिवरात्रि 2026 पर विशेष मुहूर्त (15 फरवरी): सुबह 8:24 से 9:48, 9:48 से 11:11, और सबसे श्रेष्ठ अमृत मुहूर्त 11:11 से 12:35 तक। शाम 6:11 से 7:47 तक भी शुभ। निशिता काल (रात 12:28 से 1:17 तक) मुख्य पूजा।
जल की धारा बीच में न टूटे, मुख उत्तर दिशा की ओर हो, और “ॐ नमः शिवाय” जपते रहें।