दिल्ली में 370 लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर सील, राजेंद्र नगर घटना के बाद बड़ी कार्रवाई

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देवभूमि न्यूज 24.इन
नई दिल्ली। जुलाई 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर में हुई दुखद घटना के बाद दिल्ली सरकार ने बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया। 28 जुलाई 2024 से 8 फरवरी 2026 के बीच कुल 370 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी संस्थानों को सील किया गया। इनमें 89 कोचिंग सेंटर और 181 लाइब्रेरी शामिल हैं। इसके अलावा 899 संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जिनमें 505 कोचिंग सेंटर और 394 लाइब्रेरी हैं।
क्या थी राजेंद्र नगर की घटना
27 जुलाई 2024 को ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राउस आईएएस स्टडी सर्कल में भारी बारिश के कारण बेसमेंट लाइब्रेरी में अचानक पानी भर गया था। इस हादसे में तीन UPSC अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी। घटना के बाद सुरक्षा मानकों और भवन नियमों को लेकर गंभीर सवाल उठे।
जांच में क्या सामने आया
जांच में पाया गया कि कई संस्थानों के बेसमेंट को बिल्डिंग कंप्लीशन सर्टिफिकेट में केवल पार्किंग या स्टोरेज के लिए मंजूरी दी गई थी, लेकिन वहां अवैध रूप से लाइब्रेरी और रीडिंग हॉल संचालित किए जा रहे थे। दिल्ली के एकीकृत भवन उपनियमों के अनुसार बेसमेंट का उपयोग कक्षाओं या व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता।
नगर निगम और प्रवर्तन एजेंसियों ने यह भी पाया कि कई संस्थानों में—
आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
आपातकालीन निकास या वैकल्पिक बचाव मार्ग उपलब्ध नहीं थे।
संकरी सीढ़ियां और खराब वेंटिलेशन व्यवस्था थी।
बिजली के खुले या उलझे तार भवन संरचना के पास पाए गए।
कुछ संस्थान आवासीय संपत्तियों में संचालित हो रहे थे और व्यावसायिक नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। मिश्रित भूमि उपयोग वाले क्षेत्रों में आवश्यक रूपांतरण शुल्क और संपत्ति कर का भुगतान भी कई जगहों पर नहीं किया गया था।
समिति की रिपोर्ट में उठे सवाल
संसदीय समिति को दिए गए जवाब में कहा गया कि कई कोचिंग संस्थान छात्रों को पर्याप्त स्थान और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा रहे थे। देशभर से बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली आते हैं, ऐसे में भीड़भाड़ और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था गंभीर चिंता का विषय है।
प्रमुख कोचिंग हब
करोल बाग, राजेंद्र नगर और पटेल नगर सिविल सेवा अभ्यर्थियों के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं। इसके अलावा मुखर्जी नगर, लक्ष्मी नगर और कालू सराय भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण कोचिंग हब हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।