✍️देवभूमि न्यूज 24.इन
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह को वर्ष का पहला माह माना जाता है। मुख्य रूप से चैत्र माह में वसंत ऋतु का आगमन होता है। चैत्र माह की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने ब्रह्मांड की रचना शुरू की थी। इसलिए पूरा देश इस दिन नव वर्ष मनाता है, जिसे केरल में विशु, महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, तेलुगु और कन्नड़ में उगादी आदि विभिन्न नामों से जाना जाता है। चैत्र माह का प्रत्येक दिन विभिन्न स्थानों पर विभिन्न देवी-देवताओं को समर्पित है। माह के पहले दिन, भक्त भगवान ब्रह्मा की पूजा करते हैं। दूसरे दिन, भक्त भगवान शिव और देवी गौरी की पूजा करते हैं। चैत्र माह के चौथे दिन, भक्त भगवान गणेश की पूजा करते हैं। पाँचवें दिन, भक्त नाग देवताओं की पूजा करते हैं और छठे दिन भगवान सुब्रमण्यम की पूजा की जाती है। सातवें दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है और नौवां दिन देवी दुर्गा का दिन है। पंद्रहवें दिन, भक्त सभी देवताओं की एक साथ पूजा करते हैं। चैत्र माह उपनयन संस्कार या जनेऊ संस्कार के लिए शुभ है उपनयन संस्कार ब्राह्मण लड़कों के लिए वैदिक शिक्षा शुरू करने की योग्यता है। फिर भी, इस महीने भगवद् गीता और रामायण पढ़ना पवित्र माना जाता है। प्रत्येक दिन की विशेषता के साथ-साथ, चैत्र माह में कुछ अनुष्ठान भी किए जाते हैं। प्रपदानम पहला अनुष्ठान है जिसमें जल अर्पित किया जाता है और इसे चार महीने तक पवित्र माना जाता है। दूसरा अनुष्ठान उदककुंभ दान है जिसमें नए वस्त्रों से ढके हुए जल से भरे पात्र को ब्राह्मण को दान किया जाता है। पात्र तांबे, चांदी या मिट्टी का होना चाहिए क्योंकि यह भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव जैसे त्रिमूर्ति का प्रतीक है। उस दिन भक्त पवित्र नदी में स्नान करते हैं। चैत्र माह के दौरान, भक्त अपने देवी-देवता की विशेष पूजा करते हैं जिसे डोलोत्सव के नाम से जाना जाता है। भगवान विष्णु इस माह में मत्स्यावतार अवतार लेते हैं।
04 मार्च बुधवार 👉 चैत्र कृष्ण पक्ष आरम्भ, बसन्तोत्सव, गणगौर पूजा आरम्भ।
05 मार्च गुरुवार 👉 भाईदूज (होली), संत तुकाराम जयन्ती, यम द्वितीया।
06 मार्च शुक्रवार 👉 संकष्ट चतुर्थी, क्षत्रपति शिवाजी जयन्ती (तिथि प्रमाण)
08 मार्च रविवार 👉 रंग पंचमी।
09 मार्च सोमवार 👉 श्री एकनाथ षष्ठी।
10 मार्च मंगलवार 👉 शीतला सप्तमी
11 मार्च बुधवार 👉 शीतलाष्टमी (बासोडा), कालाष्टमी, ऋषभदेव जयन्ती (जैन)।
12 मार्च गुरुवार 👉 भगवान आदिनाथ जयन्ती (जैन)।
13 मार्च शुक्रवार 👉 दशामाता व्रत।
14 मार्च शनिवार 👉 संक्रान्ति सूर्यमीन में 25:01 से, मीन मलमास आरम्भ।
15 मार्च रविवार 👉 पापमोचिनी एकादशीव्रत (सबका), मीन संक्रान्ति पुण्यकाल (सूर्योदय से 12:41 तक)
16 मार्च सोमवार 👉 सोम प्रदोष व्रत, मेला कैला देवी आरम्भ।
17 मार्च मंगलवार 👉 मासिक शिवरात्रि
18 मार्च बुधवार 👉 पित कार्य हेतु चैत्र अमावस्या, मेला पैहोवा तीर्थ (हरियाणा).
19 मार्च गुरूवार 👉 देव कार्य हेतु, चैत्र अमावस्या, वि० सं० 2082 पूर्ण प्रतिपदा तिथि क्षय, चैत्र नवरात्रि आरम्भ (घट स्थापना), ध्वजारोहण, गुडी पडवा, अभ्यंगस्नान, वि. संवत 2083 आरम्भ
निम्ब पत्र प्राशन विक्रम संवत (रौद 2083) प्रारम्भ, प्रतिप्रदा तिथिक्षय।
20 मार्च शुक्रवार 👉 चन्द्र दर्शन, सिंजारा (गणगौर), बेटीचण्ड (झूलेलाल जयन्ती), सूर्य उत्तर गोलिय प्रारम्भ।
21 मार्च शनिवार 👉 गणगौर पूजन, गौरी तृतीया, मत्स्य जयन्ती, अरुन्धती व्रत, सौभाग्य शयन व्रत, मनोरथ तृतीया।
22 मार्च रविवार 👉 राष्ट्रीय चैत्र मास प्रारम्भ, श्री गणेश दमनक चतुर्थी।
23 मार्च सोमवार 👉 श्री लक्ष्मी पंचमी, डोलोत्सव, हयव्रत।
24 मार्च मंगलवार 👉 यमुना जन्मोत्सव, स्कन्द-सूर्य षष्ठी, अशोका षष्ठी बंगाल।
25 मार्च बुधवार 👉 नवपद पूजा आरम्भ जैन, बांसती दुर्गा पूजा आरम्भ (बंगाल)।
26 मार्च गुरुवार 👉 दुर्गाष्टमी-दुर्गानवमी पूजा, श्री राम नवमी, अशोकाष्टमी, मेला नैना बृजेश्वरी देवी काँगडा (हि०प्र०)।
27 मार्च शुक्र वार 👉 वसंत नवरात्र समाप्त, श्री रामचरितमानस जयन्ती।
28 मार्च शनिवार 👉 धर्मराज दशमी, नवरात्री पारण।
29 मार्च रविवार 👉 कामदा एकादशी व्रत (सबका), लक्ष्मीकांत दोलोत्सव।
30 मार्च सोमवार 👉 सोम प्रदोष व्रत, अनंग त्रयोदशी, वामन-मदन द्वादशी, विष्णु दमदोत्सव।
31 मार्च मंगलवार 👉 श्री महावीर जयन्ती (जैन), श्री नृसिंह दोलोत्सव, शिवदमनक चर्तुदशी।
01 अप्रैल बुधवार 👉 श्री सत्यनारयण (पूर्णिमा) व्रत, अप्रैल मास प्रारम्भ, श्री हनुमान जयन्ती उपवास।
02 अप्रैल गुरुवार 👉 स्नान-दान हेतु चैत्र पूर्णिमा, श्री हनुमान जन्मोत्सव, वैशाख स्नान प्रारम्भ, नवपद ओली (जैन) पूर्ण।
✍️ज्यो:शैलेन्द्र सिंगला पलवल हरियाणा mo no/WhatsApp no9992776726
नारायण सेवा ज्योतिष संस्थान