शिलाई में पेट्रोल पंप के पास दर्जनों चीड़ के पेड़ काटे, वन विभाग की अनुमति से पहले ही कटान पर सवाल

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देवभूमि न्यूज 24.इन

शिलाई वन परिक्षेत्र के अंतर्गत पेट्रोल पंप के निकट घासनियो में दर्जनों चीड़ के पेड़ बिना वन विभाग की औपचारिक प्रक्रिया पूरी हुए काट दिए जाने का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने जांच शुरू करने की बात कही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार वन विभाग द्वारा संबंधित भू-मालिकों को लगभग 25 चीड़ के पेड़ काटने की अनुमति दी गई थी। लेकिन नियमों के अनुसार पहले वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर पेड़ों का निरीक्षण करते, उन पर हैमर (हेबर) लगाते और उसके बाद ही कटान की प्रक्रिया शुरू की जानी थी।
बताया जा रहा है कि विभागीय टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही यहां दर्जनों पेड़ काट दिए गए, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कटान तय प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि पहले राजस्व विभाग द्वारा बेशकीमती जमीनों पर अवैध कब्जे करवाने के आरोप लगते रहे हैं और अब शिलाई में चल रहे भू-बंदोबस्त के दौरान बंदोबस्त निशानों से छेड़छाड़ के कारण लोगों की जमीन आगे-पीछे होने और एक व्यक्ति की जमीन दूसरे के नाम दर्ज होने जैसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
लोगों ने मांग की है कि शिलाई में खाला-धकोली से बंदोबस्त निशान बांधा का आमजन की उपस्थिति में सार्वजनिक रूप से निर्धारण किया जाए, ताकि विवाद की स्थिति समाप्त हो सके।
इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी शिलाई विश्वनाथ ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। वे अपने स्टाफ के साथ डीएफओ कार्यालय रेणुका पहुंचे हैं और कल मौके का निरीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर यह देखा जाएगा कि कितने पेड़ काटे गए हैं, किसने काटे हैं, क्या इसके लिए अनुमति थी या नहीं, तथा जमीन का मालिक कौन है। मामले की पूरी छानबीन की जाएगी।