देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला। हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के लिए कांग्रेस प्रत्याशी Anurag Sharma के नामांकन के बाद मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने कहा कि इस बार पार्टी को चुनाव को लेकर कोई डर नहीं था। उन्होंने कहा कि जिन विधायकों में नैतिकता नहीं थी, वे पहले ही बिक चुके थे और अगर भाजपा उम्मीदवार भी उतारती तो उसे हार का सामना करना पड़ता, क्योंकि कांग्रेस के 40 विधायक पार्टी की विचारधारा से जुड़े और प्रतिबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी और प्रदेश सरकार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge की सोच का आभार व्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता, जिसने अपना राजनीतिक जीवन एनएसयूआई और युवा कांग्रेस से शुरू किया और बाद में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने, आज राज्यसभा के लिए चुना जा रहा है।
सुक्खू ने कहा कि अनुराग शर्मा पिछले लगभग तीस वर्षों से कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का धन्यवाद कि उन्होंने ऐसे समर्पित कार्यकर्ता को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया, जिसने शायद कभी यह नहीं सोचा होगा कि वह राज्यसभा तक पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक समीकरण परिस्थितियों के अनुसार बनते और बदलते रहते हैं। जब किसी पुराने और समर्पित पार्टी कार्यकर्ता को टिकट मिलता है तो इससे प्रदेश के अन्य कार्यकर्ताओं का भी मनोबल बढ़ता है और उन्हें विश्वास होता है कि पार्टी के लिए काम करने पर उन्हें भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
एक सवाल के जवाब में सुक्खू ने बताया कि राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर पहले ही यह फैसला हो चुका था कि हिमाचल प्रदेश से ही प्रत्याशी दिया जाएगा। इस विषय पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से भी चर्चा हुई थी और दिल्ली में भी यही राय बनी कि उम्मीदवार प्रदेश का ही होना चाहिए, क्योंकि बाहरी उम्मीदवार आने से कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की सोच थी कि उम्मीदवार ऐसा कार्यकर्ता होना चाहिए जो लंबे समय से पार्टी से जुड़ा हो और जिसे पहले से किसी सरकारी पद का लाभ न मिला हो। इसी सोच के तहत अनुराग शर्मा का नाम तय किया गया।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के लिए होने वाले चुनाव में कांग्रेस ने अनुराग शर्मा को प्रत्याशी बनाकर सभी को चौंका दिया है। लंबे समय से इस सीट को लेकर कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में थे, लेकिन नामांकन के दिन कांग्रेस ने अनुराग शर्मा के नाम की घोषणा कर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया।