हिमाचल में पंचायत चुनाव से पहले नई ग्राम सभाओं के गठन पर रोक

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देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला। प्रदेश में प्रस्तावित पंचायत चुनावों से पहले नई ग्राम सभाओं और पंचायतों के गठन व पुनर्गठन की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। Himachal Pradesh State Election Commission ने पंचायती राज विभाग को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि किसी भी नई ग्राम सभा या पंचायत के गठन की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए।
आयोग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि Supreme Court of India ने 13 फरवरी 2026 को दिए अपने आदेश में निर्देश दिए हैं कि राज्य चुनाव आयोग, पंचायती राज विभाग, शहरी विकास विभाग और State Disaster Management Authority (एसडीएमए) मिलकर 31 मार्च तक सभी लंबित प्रक्रियाएं पूरी करें, ताकि पंचायत चुनाव 31 मई से पहले कराए जा सकें।
परिसीमन प्रक्रिया पर पड़ सकता है असर
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार पंचायती राज विभाग ने पहले पंचायतों के परिसीमन का कार्यक्रम जारी किया था। इसके तहत 20 मार्च तक परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करनी थी और 31 मार्च तक अंतिम आरक्षण आदेश जारी किया जाना तय किया गया था।
हालांकि इसके बाद 26 फरवरी को Shimla, Solan और Hamirpur जिलों में कुछ नई पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी कर दी गई। इसके अतिरिक्त 28 फरवरी को लगभग 80 नई ग्राम सभाओं के गठन की भी अधिसूचना जारी की गई।
आयोग का कहना है कि पंचायतों के लगातार गठन, पुनर्गठन या विभाजन से पहले से अधिसूचित वार्डों के परिसीमन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे न केवल ग्राम पंचायतों बल्कि पंचायत समितियों और जिला परिषदों के वार्डों के परिसीमन में भी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं और यह सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन भी माना जा सकता है।
आचार संहिता के तहत सीमाएं पहले ही की जा चुकी हैं स्थिर
आयोग ने स्पष्ट किया कि 17 नवंबर 2025 को जारी अधिसूचना के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं की सीमाओं को आदर्श आचार संहिता के तहत स्थिर कर दिया गया था।
विभाग ने पहले 31 ग्राम सभाओं के गठन के लिए आयोग से छूट मांगी थी, लेकिन बाद में बिना अनुमति कई नई ग्राम सभाओं की अधिसूचना जारी कर दी गई। ऐसे में राज्य चुनाव आयोग ने पंचायती राज विभाग को सलाह दी है कि किसी भी नई ग्राम पंचायत के गठन या पुनर्गठन की प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए।
आयोग ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी ग्रामीण स्थानीय निकायों का परिसीमन और उनकी आरक्षण सूची मार्च 2026 के अंत तक अंतिम रूप से तय कर जारी कर दी जाए, ताकि समय पर पंचायत चुनाव कराए जा सकें।