शिमला में स्क्रब टाइफस का खतरा बढ़ा – मानसून सीजन में 24 मामले, CMO ने जारी की एडवाइजरी

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   *देवभूमि न्यूज 24*

शिमला, 02 सितंबर 2026

मानसून सीजन के चलते जिला शिमला में स्क्रब टाइफस के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, शिमला डॉ. यश पाल रांटा ने बताया कि इस मानसून सीजन में अब तक जिले में स्क्रब टाइफस के 24 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने जनता से सतर्क रहने की अपील की है।

क्या है स्क्रब टाइफस?
यह बीमारी संक्रमित लार्वा माइट (चिंचड़ी / घुन) के काटने से फैलती है, जो आमतौर पर झाड़ियों, घास, खेतों और घनी वनस्पति वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

लक्षण:
बुखार, तेज सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना, कमजोरी, शरीर पर दाने, लिम्फ नोड्स में सूजन और कुछ मामलों में काटने की जगह पर काले निशान (Eschar) का बनना।

स्वास्थ्य विभाग की अपील – जनता क्या करे:

  • घास या जमीन पर सीधे न बैठें / न लेटें।
  • खेतों या झाड़ी वाले क्षेत्रों में काम करते समय पूरी बाजू के कपड़े, लंबी पैंट और ढके हुए जूते पहनें।
  • घरों के आसपास घास, खरपतवार और झाड़ियों की सफाई रखें।
  • घर और आसपास सफाई बनाए रखें।
  • खेतों में काम करने के बाद स्नान करें और कपड़े बदलें/धोएं।
  • खुद से दवा न लें, बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

CMO डॉ. रांटा ने कहा कि स्क्रब टाइफस का समय पर इलाज होने से यह पूरी तरह ठीक हो जाता है और जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में इसकी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

लगातार बुखार, तेज सिरदर्द या अन्य लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाएं।

जनहित में जारी
कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला शिमला