देवभूमि न्यूज 24
नेपाल : विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल के नुवाकोट जिले के कभी गुलजार रहने वाले त्रिशूली बाजार को पलभर में तबाही के मंजर में बदल दिया। जहां कभी बाजारों में रौनक और कारोबारियों के करोड़ों के कारोबार की चहल-पहल रहती थी, आज वहां वीरानी और मलबा नजर आ रहा है।
इस प्राकृतिक आपदा की मार उत्तर प्रदेश के बलिया (रसड़ा) निवासी और पिछले 44 वर्षों से नेपाल में रह रहे भारतीय कपड़ा कारोबारी अशोक कुमार चौरसिया पर भी कहर बनकर टूटी। त्रिशूली बाजार में कपड़ों के बड़े होलसेल कारोबारियों में शामिल अशोक की चार दुकानें, चार गोदाम, कार और स्कूटी तेज पानी के बहाव में बह गए। इससे उन्हें करीब 45 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का दावा है।
हालात ऐसे हो गए हैं कि कभी करोड़ों का कारोबार करने वाले अशोक के पास अब पहनने के लिए कपड़े और खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं। आपदा के बाद उन्हें दूसरों से कपड़े मांगकर पहनने की नौबत आ गई है।
इस त्रासदी ने उनके परिवार को भी गहरा जख्म दिया है। बाढ़ की चपेट में आने से उनके परिवार के दो सदस्यों भाभी और भतीजे की जान चली गई।
बताया जा रहा है कि त्रिशूली बाजार में 60 से अधिक भारतीय परिवार रहते थे। प्राकृतिक आपदा ने इन परिवारों की वर्षों की मेहनत और जमा-पूंजी को मलबे में मिला दिया। आज ये परिवार अपने उजड़ चुके आशियानों और तबाह हो चुके कारोबार को बेबसी से देखने को मजबूर हैं।
त्रिशूली की तबाही ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि एक झटके में सब कुछ गंवा चुके इन परिवारों की जिंदगी अब दोबारा पटरी पर कैसे लौटेगी।