ब्यूरो देवभूमि न्यूज 24
शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा के मानसून सत्र के समापन के बाद सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जनहित के मुद्दों को गंभीरता से सदन में उठाया, लेकिन सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दिल्ली रवाना होते ही सदन में गंभीरता कम हो गई और अधिकारी दीर्घा भी लगभग खाली नजर आई।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश अब चुनावी वर्ष में प्रवेश कर चुका है और सरकार के साथ-साथ अधिकारियों में भी खलबली का माहौल है। उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के दिल्ली दौरों को लेकर तंज कसते हुए कहा कि लगता है कुछ बड़ा होने वाला है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सदन में लाए गए बड़े विधेयकों का अदालतों में निरस्त होना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने आपदा के बाद नदियों और नालों से वन संपदा के कथित अवैध निष्कासन का मुद्दा भी उठाया। जयराम ठाकुर ने कहा कि इससे करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ, लेकिन इसकी जिम्मेदारी तय नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यह सब किसके कहने और करने से हुआ।
मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री में तालमेल नहीं : जयराम
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री के बीच तालमेल का अभाव है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ है जब किसी मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आवाज दबाने के लिए संवैधानिक पद पर रहते हुए धरना-प्रदर्शन में तख्ती लेकर हिस्सा लिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने भी पांच वर्ष मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया, लेकिन कभी सड़क पर बैठकर केंद्र सरकार के खिलाफ इस तरह प्रदर्शन नहीं किया।
रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पांच साल में पांच लाख सरकारी और पक्की पेंशन वाली नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन सरकार के आंकड़े ही उसकी जमीनी स्थिति बयां कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में नए रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं।
कर्ज को लेकर भी सरकार पर निशाना
जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर कर्ज लेने के रिकॉर्ड तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 तक प्रदेश की विभिन्न सरकारों ने कुल मिलाकर करीब 69,600 करोड़ रुपये का ऋण लिया था, जबकि मौजूदा सरकार ने चार वर्षों में ही करीब 48 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश पर कुल ऋण करीब 1.18 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि भारी कर्ज लेने के बावजूद विकास धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। कर्मचारी और पेंशनर आंदोलन कर रहे हैं तथा सरकार पर बदले की भावना से काम करने के आरोप लगाए। उन्होंने हिमकेयर, सहारा, गृहिणी सुविधा और स्वावलंबन जैसी योजनाओं को बंद करने का भी आरोप लगाया।
‘भाजपा सरकार बनी तो जांच की भी होगी जांच’
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों के खिलाफ लगातार एफआईआर दर्ज कर उन्हें राजनीतिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वर्तमान में राजनीतिक मंशा से कराई जा रही जांचों की भाजपा सरकार बनने के बाद “जांच की भी जांच” करवाई जाएगी।