दूरदराज से पहुंचे भूतपूर्व सैनिक, वीरनारियां और आश्रित; सैनिक रेस्ट हाउस में सुबह 8 बजे से सामान का वितरण
रघुवीर राणा,ब्यूरो
देवभूमि न्यूज 24
पांवटा साहिब : पांवटा साहिब-शिलाई क्षेत्र के भूतपूर्व सैनिकों, वीरनारियों, सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय के बाद क्षेत्र में मोबाइल सीएसडी कैंटीन की सुविधा दोबारा बहाल हो गई है। मोबाइल कैंटीन के पहुंचने पर क्षेत्र के पूर्व सैनिक और उनके परिजन सुबह से ही दूरदराज के गांवों से सामान लेने के लिए सैनिक रेस्ट हाउस में जुटे।
सुबह करीब 8 बजे से सीएसडी कैंटीन के माध्यम से घरेलू सामान का वितरण शुरू किया गया। व्यवस्था को सुचारू बनाने में भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब-शिलाई क्षेत्र के पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और एस्टेब्लिशमेंट की ओर से सामान लेकर पहुंचे सैनिकों को पूरा सहयोग प्रदान किया।
मोबाइल सीएसडी कैंटीन की सुविधा दोबारा शुरू होने से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है। इससे पहले क्षेत्र के लोगों को सीएसडी की सुविधा के लिए करीब 200 किलोमीटर दूर नाहन या देहरादून जाना पड़ता था। आने-जाने में समय और धन दोनों की खासी बर्बादी होती थी। अब यह सुविधा क्षेत्र में ही उपलब्ध होने से लोगों को लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी।
मोबाइल कैंटीन की सुविधा बहाल होने पर भूतपूर्व सैनिकों, वीरनारियों, सैनिकों और उनके आश्रितों ने खुशी जताई। भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा-शिलाई ने इस सुविधा को दोबारा शुरू करवाने में सहयोग के लिए एस्टेब्लिशमेंट का आभार जताया। संगठन ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी मोबाइल सीएसडी कैंटीन की सुविधा नियमित रूप से जारी रहेगी।
संगठन के अध्यक्ष करनैल सिंह, सचिव ओम प्रकाश, कोषाध्यक्ष इंद्र नेगी, वीरेंद्र सिंह चौहान, नरेंद्र ठुंडू, मामराज चौहान और सुनील आदि ने बताया कि संगठन की ओर से लगातार किए जा रहे आग्रह के बाद यह सुविधा दोबारा बहाल हुई है। उन्होंने कहा कि इससे पांवटा साहिब और शिलाई क्षेत्र के पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों को रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं अब नजदीक ही उपलब्ध हो सकेंगी।