फतेहपुर की 23 पंचायतों और धर्मशाला के चार वार्डों में पहुंचा अभियान, 1,000 से अधिक लोगों से किया संवाद
देवभूमि न्यूज 24
कांगड़ा : पर्यावरण संरक्षण, विश्व शांति, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के संदेश को लेकर ‘स्वराज सत्याग्रह यात्रा’ के तहत पैदल जनजागरण अभियान जारी है। लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान के तत्वावधान में डॉ. अशोक कुमार सोमल के नेतृत्व में शुरू हुई इस यात्रा के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर लोगों को पर्यावरण और लोकतंत्र के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
डॉ. सोमल के अनुसार हिमाचल प्रदेश में पैदल यात्रा की शुरुआत 20 जुलाई 2026 को अपने गांव जुनाट से की गई थी। पहले दिन करीब आठ किलोमीटर पैदल यात्रा कर रास्ते में लोगों से संवाद किया गया और जागरूकता संबंधी पर्चे वितरित किए गए। फतेहपुर में एसडीएम को भी पर्चा सौंपकर विशेष रूप से पॉलीथिन प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि एसडीएम फतेहपुर के माध्यम से छह अन्य साथियों के साथ जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में चल रहे Gen Z आंदोलनकारियों के समर्थन में राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा गया।
23 पंचायतों में पहुंचा अभियान
अभियान के तहत पिछले 43 दिनों में फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र की 23 पंचायतों का भ्रमण किया गया। इसके अलावा धर्मशाला में भी दो दिन पैदल यात्रा कर शीलाचौक से धर्मशाला और धर्मशाला से सकोह तक करीब 12 किलोमीटर की दूरी तय की गई। इस दौरान पत्रकारों से संवाद करने के साथ एसडीएम धर्मशाला, एडीसी और जिलाधीश कांगड़ा से भी मुलाकात कर अभियान का पर्चा सौंपा गया।
डॉ. सोमल ने दावा किया कि अब तक करीब 50 किलोमीटर पैदल यात्रा कर 1,000 से 1,200 लोगों से सीधा संवाद किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान लोगों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता देखने को मिली, वहीं विश्व शांति और सामाजिक सौहार्द की आवश्यकता को लेकर भी लोग गंभीर नजर आए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में आई कमियों को लेकर लोगों ने अपनी चिंताएं भी साझा कीं।
‘मेरा कचरा मेरी जिम्मेदारी’ का दिया संदेश
अभियान के दौरान लोगों का ध्यान वायु और जल प्रदूषण के साथ-साथ खाद्य पदार्थों में घटती पौष्टिकता और बढ़ती मिलावट की ओर भी आकर्षित किया जा रहा है। डॉ. सोमल ने कहा कि पॉलीथिन का बढ़ता इस्तेमाल कचरे की गंभीर समस्या बनता जा रहा है। गीले और सूखे कचरे का उचित निपटारा भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सामने बड़ी चुनौती है।
उन्होंने लोगों से ‘मेरा कचरा, मेरी जिम्मेदारी’ की भावना अपनाने का आह्वान किया। धर्मशाला के लिए अभियान का संदेश ‘धर्मशाला को स्मार्ट बनाना है तो हम लोगों को स्मार्ट होना है’ रखा गया है।
डॉ. सोमल ने कहा कि हिमाचल को पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। विश्व शांति और सामाजिक सौहार्द के लिए भी व्यक्तिगत स्तर से प्रयास शुरू करने होंगे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान मिला है, इसलिए बेहतर लोकतंत्र के निर्माण में योगदान देना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि देश-दुनिया की बेहतरी के लिए दस-बीस कदम इस अभियान के साथ चलें और अपने आसपास के लोगों के साथ बेहतर तालमेल कायम करते हुए सकारात्मक बदलाव की शुरुआत करें।
जय हिंद, जय संविधान, जय लोकतंत्र।