सुबह 4 बजे खुलेंगे मंदिर के पट, सुबह 7 बजे से दर्शन; रात 10 बजे बंद होगा मंदिर, शीतकालीन व्यवस्था के तहत बदलेगी दिनचर्या
देवभूमि न्यूज 24
अयोध्या, उत्तर प्रदेश
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में 1 नवंबर 2026 से रामलला के दर्शन, आरती, भोग और विश्राम की समय-सारणी में बदलाव किया जाएगा। ऋतु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने नई व्यवस्था निर्धारित की है। इसके तहत मंदिर के पट सुबह 4 बजे खुलेंगे, जबकि श्रद्धालुओं के लिए दर्शन सुबह 7 बजे से शुरू होंगे। रात 10 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।
नई समय-सारणी के अनुसार, मंगला आरती से लेकर शयन आरती तक रामलला की दैनिक पूजा-अर्चना का समय निर्धारित किया गया है। ऐसे में अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं को नए समय का ध्यान रखना होगा।
सुबह 4 बजे खुलेंगे मंदिर के पट
नई व्यवस्था के तहत श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पट सुबह 4 बजे खोले जाएंगे। इसके बाद सुबह 4:30 बजे मंगला आरती होगी। सुबह 6:30 बजे श्रृंगार आरती निर्धारित की गई है, जबकि श्रद्धालुओं के लिए सुबह 7 बजे से दर्शन शुरू होंगे।
बताया गया है कि वर्तमान व्यवस्था में मंदिर के पट सुबह 3:45 बजे खोले जाते हैं। नई समय-सारणी लागू होने के बाद मंदिर खुलने के समय में 15 मिनट का बदलाव होगा।
बालभोग और राजभोग के समय बंद रहेंगे पट
रामलला की दैनिक पूजा-अर्चना और भोग की परंपरा के तहत दिन में कुछ समय के लिए दर्शन बंद रहेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 8 बजे से 8:10 बजे तक बालभोग के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगे। इसके बाद सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक राजभोग का समय निर्धारित किया गया है।
राजभोग के बाद दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक रामलला विश्राम करेंगे। इस दौरान मंदिर की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार श्रद्धालुओं के दर्शन उपलब्ध नहीं होंगे।
दोपहर 1:35 बजे फिर शुरू होंगे दर्शन
रामलला के विश्राम के बाद दोपहर 1:35 बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन दोबारा शुरू होंगे। इसके बाद भक्त निर्धारित समय के अनुसार रामलला के दर्शन कर सकेंगे।
दोपहर में अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सलाह है कि वे दर्शन के लिए निकलने से पहले मंदिर की नवीनतम समय-सारणी की पुष्टि कर लें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
शाम 7 बजे संध्या आरती, रात 9:30 बजे शयन आरती
नई समय-सारणी के अनुसार, शाम 7 बजे रामलला की संध्या आरती होगी। इसके बाद रात 9:30 बजे शयन आरती निर्धारित की गई है। शयन आरती के बाद रात 10 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।
वर्तमान व्यवस्था में मंदिर रात 10:30 बजे बंद होता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंदिर बंद होने का समय 30 मिनट पहले हो जाएगा।
बाल स्वरूप में विराजमान हैं रामलला
राम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य राजकुमार दास के अनुसार, देश के प्रमुख मंदिरों में ग्रीष्मकाल और शरद ऋतु के दौरान दर्शन तथा पूजा-अर्चना की व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाता है। उन्होंने रामलला के बाल स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सेवा भी बालक की देखभाल के भाव से की जाती है।
ऋतु परिवर्तन के अनुरूप पूजा-अर्चना और दर्शन की व्यवस्था में बदलाव का उद्देश्य रामलला की दैनिक सेवा की परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम संचालित करना है।
रामलला के दर्शन से पहले जान लें नया टाइम टेबल
1 नवंबर 2026 से प्रस्तावित समय-सारणी इस प्रकार है:
- सुबह 4:00 बजे: मंदिर के पट खुलेंगे।
- सुबह 4:30 बजे: मंगला आरती।
- सुबह 6:30 बजे: श्रृंगार आरती।
- सुबह 7:00 बजे: श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू।
- सुबह 8:00 से 8:10 बजे तक: बालभोग के लिए पट बंद।
- सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक: राजभोग।
- दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक: रामलला का विश्राम।
- दोपहर 1:35 बजे: दर्शन दोबारा शुरू।
- शाम 7:00 बजे: संध्या आरती।
- रात 9:30 बजे: शयन आरती।
- रात 10:00 बजे: मंदिर के पट बंद।
अयोध्या में रामलला के दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालु नई समय-सारणी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं। हालांकि, यात्रा से पहले मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
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