SIR विवाद पर चुनाव आयोग ने SC में दाखिल किया हलफनामा, CEC पर लगे आरोपों को किया खारिज

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देवभूमि न्यूज 24 – नई दिल्ली

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगे आरोपों को खारिज किया है।

आयोग ने स्पष्ट किया कि SIR से संबंधित सभी प्रमुख आदेश सर्वसम्मति से जारी किए गए थे और किसी एक अधिकारी ने अकेले निर्णय नहीं लिया। आयोग के मुताबिक, जून 2025, अक्टूबर 2025 और मई 2026 में SIR को लेकर जारी तीनों आदेश सभी सदस्यों की सहमति से पारित किए गए थे। हलफनामे को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों ने मंजूरी दी है।

आयोग ने कहा कि फाइल पर किसी आयुक्त की टिप्पणी, सवाल या सुझाव को अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। निर्धारित प्रक्रिया के तहत फाइल संबंधित आयुक्तों से होते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त तक पहुंचती है।

Form 6 में बदलाव के आरोपों पर क्या कहा?
वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में संशोधन के आरोपों पर आयोग ने कहा कि फॉर्म में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके संशोधन का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। SIR के दौरान इस्तेमाल होने वाला घोषणापत्र Form 6 से अलग दस्तावेज है। आयोग ने माना कि ऑनलाइन आवेदन में दोनों दस्तावेजों को दिखाने के तरीके से भ्रम पैदा हो सकता था, अब इन्हें अलग-अलग प्रदर्शित किया जा रहा है।

वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने पर स्पष्टीकरण
आयोग ने बताया कि पुराने रिकॉर्ड नहीं मिलने पर मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाने के बजाय BLO घर जाकर दस्तावेज जुटाएंगे। ECINet प्रणाली पर ERO के आदेश के बिना किसी मतदाता का नाम जोड़ा या हटाया नहीं जा सकता। प्रक्रिया की जांच के लिए IIT और IISc के विशेषज्ञों की समिति भी गठित की गई है।

CEC को हटाने की मांग पर रुख
मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज पर रोक लगाने की मांग पर आयोग ने कहा कि CEC को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया के समान है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने अपनी आंतरिक फाइलें मीडिया को जारी नहीं की थीं।

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