*देवभूमि न्यूज 24*
शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में मुख्यमंत्री पर मित्रों को सेटल करने के लिए मेरिट लिस्ट चोरी करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि बीते दो दिनों में लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठतम अधिकारी को सेवा विस्तार देने और HPERC अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया को अकारण रद्द करने के मामलों में हाईकोर्ट के फैसलों ने मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली और तानाशाही को उजागर किया है।
जयराम ने कहा – मुख्यमंत्री लगातार मित्रों और करीबियों के लिए नियम-कायदों की परवाह किए बिना काम कर रहे हैं। जनहित के नाम पर मित्रहित की योजना चल रही है। व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार में वरिष्ठ नियुक्तियों और संवैधानिक आयोगों में शुचिता और पारदर्शिता नहीं रखी जा रही।
उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग के एक अधिकारी को दिए गए सेवा विस्तार पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाते हुए दागदार सेवाकाल को देखते हुए महत्वपूर्ण कार्य से वंचित रखने का आदेश दिया। इसी तरह HPERC अध्यक्ष पद पर चयन समिति द्वारा साक्षात्कार के बाद की गई सिफारिश को रद्द कर मनमानी नियुक्ति की गई, जिसे न्यायालय ने बेनकाब कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री मंचों से आत्मनिर्भर हिमाचल के बड़े दावे करते हैं, लेकिन प्रदेश में कोई औद्योगिक नीति ही नहीं है। औद्योगिक नीति गत वर्ष 31 दिसंबर को समाप्त हो गई, जिसकी अवधि तीन बार बढ़ाई जा चुकी है। इससे 30 हजार से ज्यादा छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों पर संकट मंडरा रहा है और उद्योग सत्ता संरक्षित लोगों की उगाही का साधन बन गए हैं। सरकार स्पष्ट औद्योगिक नीति लाए।
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