ऊना में प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश सरकार पर साधा निशाना, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, आरडीजी और विकास कार्यों को लेकर उठाए सवाल
*देवभूमि न्यूज 24*
ऊना। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने ऊना में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि प्रदेशभर के दौरे के दौरान उन्हें जनता का भारतीय जनता पार्टी के प्रति व्यापक समर्थन मिल रहा है। उनके अनुसार, जनता ने अब प्रदेश में कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के चार साल केंद्र सरकार की आलोचना करने और विपक्ष पर निशाना साधने में ही बीत गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इन चार वर्षों में ऐसी चार योजनाएं भी नहीं चला पाए, जिन्हें सरकार अपनी उपलब्धि के रूप में जनता के सामने रख सके। उन्होंने कहा कि आज भी हिम केयर, सहारा और गृहिणी सुविधा जैसी योजनाओं को लोग याद करते हैं। उनके आरोप के मुताबिक, इन योजनाओं को पर्याप्त बजट नहीं दिया गया और सरकार अपनी नई योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से शुरू नहीं कर पाई।
कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरा
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने ऊना गोलीकांड, बिलासपुर में कुल्हाड़ी से हमले की घटना, शिमला में पुलिस कंट्रोल रूम के बाहर दिनदहाड़े हुई हत्या और चंबा में युवक की हत्या कर शव को बोरी में डालकर नाले में फेंकने की घटना का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिट्टे का नशा तेजी से फैल रहा है, लेकिन सरकार ठोस कार्रवाई करने के बजाय आयोजनों तक सीमित दिखाई दे रही है। उन्होंने नशे के खिलाफ प्रभावी जमीनी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
भ्रष्टाचार और पेखुबेला प्रोजेक्ट पर उठाए सवाल
जयराम ठाकुर ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत की जांच होनी चाहिए। उन्होंने धारा-118 के कथित उल्लंघन, दलालों के माध्यम से स्वीकृतियां मिलने और क्रशर कारोबार को लेकर भी सवाल उठाए।
पेखुबेला प्रोजेक्ट का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले पर जवाब देने से बच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट की स्थिति स्पष्ट नहीं है और इस मामले में एक ईमानदार चीफ इंजीनियर को भी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और उन्हें उम्मीद है कि जांच में बड़े नाम सामने आएंगे तथा विमल नेगी को न्याय मिलेगा।
राजनीतिक प्रतिशोध के लगाए आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के 14 वर्तमान और पूर्व विधायकों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं तथा अधिकारियों पर दबाव बनाकर जांच को लंबा खींचने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध की ऐसी परंपरा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
आरडीजी और जीएसटी ग्रांट पर सरकार के दावों का जवाब
आरडीजी के मुद्दे पर जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आरडीजी पूरे देश में बंद हुई है। उन्होंने अपने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में हिमाचल को लगभग 18,300 करोड़ रुपये की आरडीजी मिली, जबकि वर्ष 2014 से 2024 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में प्रदेश को लगभग 89,300 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
जीएसटी कंपनसेशन पर उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पांच वर्षों के लिए थी और जून 2021 तक ही प्रदेश को इसका लाभ मिला। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार को दीर्घकालीन ब्याज मुक्त केंद्रीय सहायता के रूप में लगभग 7,000 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि भाजपा सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल में यह सहायता लगभग 1,800 करोड़ रुपये थी।
केंद्र के बजट से हो रहे विकास कार्य : जयराम
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में चल रहे कई विकास कार्यों में केंद्र सरकार की योजनाओं और बजट की अहम भूमिका है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में सड़कों के निर्माण में केंद्र का बड़ा योगदान है।
उन्होंने ऊना में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देन बताते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की ओर से इसके काम में देरी और अड़चनें पैदा की जा रही हैं।
कर्मचारियों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
सुप्रीम कोर्ट के कर्मचारियों के पक्ष में दिए गए फैसले पर जयराम ठाकुर ने कहा कि न्यायालय के फैसले को लागू करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के हित में निर्णय को लागू करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में कर्मचारी हितैषी है तो कर्मचारियों को समय पर वेतन क्यों नहीं मिल रहा और पूर्व कर्मचारी पेंशन के लिए सड़कों पर आंदोलन क्यों कर रहे हैं।
सतपाल सत्ती के स्वास्थ्य पर टिप्पणी को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
ऊना के विधायक एवं पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती की बीमारी को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से की गई टिप्पणियों पर जयराम ठाकुर ने नाराजगी जताई। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि बीमारी किसी को भी हो सकती है और ऐसे विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने सतपाल सत्ती के आवास पर पहुंचकर उनका कुशलक्षेम भी जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
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