शिलाई क्षेत्र के लालुग में निजी भूमि पर अवैध खनन के बाद मिट्टी डालकर सबूत मिटाने की कोशिश

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खनन स्थल की पैमाइश कर रॉयल्टी वसूलेगा विभाग या केवल निरीक्षण कर कागजी कार्रवाई तक सिमटेगी जांच

 *देवभूमि न्यूज 24*

शिलाई : जिला के शिलाई क्षेत्र के लालुग में निजी भूमि पर कथित अवैध खनन का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। आरोप है कि जिस स्थान पर लंबे समय से अवैध खनन किया जा रहा था, वहां अब मिट्टी डालकर जमीन को समतल करने की कोशिश की जा रही है, ताकि उत्खनन के निशान छिपाए जा सकें और खनन विभाग की जांच को प्रभावित किया जा सके।

बताया जा रहा है लालुग क्षेत्र में निजी भूमि पर लंबे समय से खनन गतिविधियां चल रही थीं
इस संबंध में पहले भी संबंधित अधिकारियों को सूचना दिए जाने की बात सामने आई थी
अब खनन स्थल पर मिट्टी डालने की गतिविधियों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है
स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवाल खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि खनन विभाग मौके पर पहुंचकर कथित अवैध खनन की वास्तविक पैमाइश करेगा या केवल औपचारिक निरीक्षण कर कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रहेगा?
क्या विभाग जमीन की पुरानी और वर्तमान स्थिति का आकलन कर निकाले गए खनिज की मात्रा निर्धारित करेगा?
नियमानुसार देय रॉयल्टी और जुर्माने की वसूली होगी?
पुराने फोटो-वीडियो, राजस्व रिकॉर्ड, खनन की गहराई और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच होगी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को तत्काल मौके का निरीक्षण कर भूमि की वर्तमान स्थिति का रिकॉर्ड तैयार करना चाहिए और वैज्ञानिक तरीके से पैमाइश कर अवैध खनिज की मात्रा का आकलन करना चाहिए, ताकि सरकारी राजस्व को हुए नुकसान की भरपाई हो सके।

उधर जिला खनन अधिकारी सरित चन्द्र* ने बताया कि मामले को लेकर जल्द निरीक्षण किया जाएगा, मौके पर निरीक्षण कर जांच कर उचित कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

अब देखना होगा कि विभाग निष्पक्ष पैमाइश कर रॉयल्टी-जुर्माना वसूलता है या कार्रवाई सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सिमट जाती है।

देवभूमि न्यूज 24
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