हिम केयर योजना को बदनाम करने से बाज आएं मुख्यमंत्री : जयराम ठाकुर

Share this post

पूर्व मुख्यमंत्री ने सुक्खू सरकार पर लगाए योजना को बंद करने और बजट रोकने के प्रयासों के आरोप

देवभूमि न्यूज 24

शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू को नसीहत देते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई लोकप्रिय जनकल्याणकारी योजनाओं को बदनाम करने और जनता को भ्रमित करने से बाज आएं। चंबा जिले के भरमौर में जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा हिम केयर स्वास्थ्य योजना को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार का चार वर्ष का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री अभी भी पूर्व भाजपा सरकार को घेरने के लिए झूठ और भ्रामक बयानों का सहारा ले रहे हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार की विदाई का समय नजदीक आते ही अब उन्हें दुर्गम क्षेत्रों की याद आने लगी है। पिछले चार वर्षों में इन क्षेत्रों में मुख्यमंत्री की सक्रियता नजर नहीं आई और अब जनता को भ्रमित करने के लिए पूर्व भाजपा सरकार के समय शुरू की गई योजनाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने चार वर्ष के कार्यकाल में ऐसी कोई योजना शुरू नहीं करवा सके, जिसे प्रदेश की जनता लंबे समय तक याद रख सके, लेकिन पूर्व भाजपा सरकार की लोकप्रिय हिम केयर योजना को बदनाम करने में जरूर लगे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिम केयर योजना हिमाचल की जनता के लिए वरदान साबित हुई है, जबकि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इसे बंद करने और इसका बजट रोकने के प्रयास किए। हालांकि, भाजपा विधायक दल के विरोध के चलते सरकार इस योजना को बंद नहीं कर पाई।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को बेतुकी और तथ्यहीन टिप्पणियां करने के बजाय उन परिवारों की पीड़ा समझनी चाहिए, जिन्हें हिम केयर योजना के तहत उपचार की सुविधा मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि टांडा मेडिकल कॉलेज और आईजीएमसी शिमला में ऐसे कई मामले सामने आए, जहां हिम केयर कार्ड होने के बावजूद मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कुछ परिवारों को आर्थिक तंगी के कारण अपनों के उपचार को लेकर गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि यदि सरकार खुद कोई नई जनकल्याणकारी योजना शुरू नहीं कर पा रही है तो कम से कम उस योजना को कमजोर और बदनाम करने का प्रयास न करे, जिसके माध्यम से प्रदेश के पात्र लोगों को पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस योजना से प्रदेश के करीब 80 लाख लोगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था।

जयराम ठाकुर ने प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अब अपनी राजनीतिक साख बचाने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को चारों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद पंचायत राज संस्थाओं और स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों को लेकर भी कांग्रेस के भीतर सवाल उठे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हाईकमान द्वारा दिल्ली बुलाए जाने पर मुख्यमंत्री ने हार का ठीकरा मंत्रियों पर फोड़ा, जबकि बाद में दिल्ली पहुंचे मंत्रियों ने इसके लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री को बदलने तक की आवाजें उठ रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जहां भी जाते हैं, भाजपा के गुटों की चर्चा करते रहते हैं, जबकि भाजपा एकजुट होकर काम कर रही है।

देवभूमि न्यूज 24 | मेरा गांव, मेरा देश निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित की पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध

देश-दुनिया और गांव-देहात की खबरों को पढ़ते रहिए। समाचार एवं विज्ञापन: 9816216579