दीपावली पर अनिल कुमार मंगेट का मुख्यमंत्री सुक्खू के नाम जनहित संदेश, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सहित उठाईं नौ प्रमुख मांगें

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कहा- गरीब के घर में चूल्हा जले, किसान को पानी मिले, मजदूर को मेहनताना और बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिले, तभी सार्थक होगी दीपावली

*देवभूमि न्यूज 24*

शिमला : अधिवक्ता एवं शिमला संसदीय क्षेत्र से पूर्व लोकसभा सांसद प्रत्याशी अनिल कुमार मंगेट ने दीपावली के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को जनहित से जुड़ा संदेश भेजते हुए प्रदेश की जनता की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि प्रदेश के गरीब, किसान, मजदूर, बेरोजगार युवा, अनाथ बच्चे, विधवा महिलाएं और दिव्यांगजनों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने के लिए ठोस एवं जनकल्याणकारी कदम उठाए जाएं।

मंगेट ने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी तभी है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग के चेहरे पर मुस्कान हो और गरीब से गरीब परिवार भी सम्मान के साथ त्योहार मना सके।

उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष नौ प्रमुख मांगें रखी हैं।

1 सड़क दुर्घटनाओं पर रोक और सड़कों की हालत में सुधार: मंगेट ने प्रदेश की सड़कों की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा रही है और अनेक लोग घायल हो रहे हैं। उन्होंने सड़कों की मरम्मत, सुरक्षित सड़क निर्माण, क्रैश बैरियर लगाने और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने सड़क हादसों में अपने प्रियजनों को खोया है, उनके लिए त्योहारों की खुशियां भी अधूरी रह जाती हैं।

2 किसानों को सिंचाई सुविधा और फसलों का उचित मूल्य: उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार को किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने, फसलों का उचित समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने और समय पर भुगतान की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कर्ज राहत और कर्ज माफी जैसे कदमों पर भी विचार किया जाना चाहिए।

3 अनाथ बच्चों की शिक्षा, राशन और आवास की जिम्मेदारी: मंगेट ने कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता इस दुनिया में नहीं हैं, उनके भविष्य की जिम्मेदारी सरकार को उठानी चाहिए। पंचायत स्तर पर ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें मुफ्त शिक्षा, राशन और सुरक्षित आवास उपलब्ध करवाया जाए, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा एवं सम्मानजनक जीवन से वंचित न रहे।

4 विधवा महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर: उन्होंने कहा कि पति का सहारा खो चुकी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और अन्य योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रावधान किए जाने चाहिए।

5 दिव्यांगजनों को 5,000 रुपये मासिक सहायता: मंगेट ने प्रदेश के दिव्यांग एवं गंभीर रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए प्रतिमाह 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की नीति बनाने का आग्रह किया।

6 मजदूरों और गरीब परिवारों को आर्थिक राहत: उन्होंने कहा कि मजदूरों के खून-पसीने से प्रदेश का निर्माण हुआ है। उनके न्यूनतम वेतन, समय पर मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही दीपावली के अवसर पर जरूरतमंद मजदूर परिवारों को 5,000 रुपये की विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई।

7 बेरोजगार युवाओं को रोजगार और आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा: मंगेट ने कहा कि प्रदेश के हजारों शिक्षित युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं सरकारी विभागों में वर्षों से आउटसोर्स के माध्यम से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्पष्ट एवं न्यायसंगत नियमितीकरण अथवा समायोजन नीति बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनेक परिवारों ने अपने बच्चों को पढ़ाकर बेहतर भविष्य की उम्मीद की थी, लेकिन नौकरी की उम्र निकलने के बावजूद युवा रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

8भूमिहीनों को भूमि और गरीबों को आवास: उन्होंने प्रदेश के भूमिहीन, गरीब और वंचित परिवारों को पात्रता के आधार पर भूमि उपलब्ध करवाने तथा जरूरतमंद परिवारों को मकान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य कमजोर वर्गों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों को धरातल पर लागू किया जाना चाहिए। सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित हो।

9 भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग: मंगेट ने प्रदेश के विभिन्न सरकारी कार्यालयों, जिनमें ब्लॉक कार्यालय, एसडीओ, एक्सईएन एवं एसई कार्यालय, पुलिस थाने, सिविल अस्पताल और आईजीएमसी शामिल हैं, में कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की शिकायतों पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह आम जनता को अपना काम करवाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में दवाइयों की खरीद और डॉक्टरों द्वारा दवाइयां लिखने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग की। साथ ही पुलिस व्यवस्था में निष्पक्षता बनाए रखने और निर्दोष लोगों को परेशान किए जाने संबंधी शिकायतों की जांच करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

गरीब के घर में चूल्हा जले, तभी दीपावली की खुशियां पूरी होंगी

मुख्यमंत्री को संबोधित संदेश में अनिल कुमार मंगेट ने कहा कि प्रदेश की जनता ने बड़ी उम्मीदों और विश्वास के साथ सरकार को जिम्मेदारी सौंपी है। यह अवसर केवल सरकार चलाने का नहीं, बल्कि लाखों गरीब, पीड़ित, शोषित, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बदलाव लाने का भी है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को उन परिवारों के बारे में भी सोचना चाहिए, जिन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में अपने बेटे खोए हैं, जिन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है, जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, जिन मजदूरों को मेहनत का पूरा पैसा नहीं मिला और जिन बेरोजगार युवाओं के रोजगार के सपने वर्षों से अधूरे हैं।

मंगेट ने कहा कि दीपावली के असली दीप तब जलेंगे, जब गरीब के घर में चूल्हा जलेगा, भूखे को अन्न मिलेगा, किसान के खेत तक पानी पहुंचेगा, मजदूर को उसकी मेहनत का पूरा पैसा मिलेगा, अनाथ बच्चों को शिक्षा मिलेगी, विधवा महिलाओं को रोजगार मिलेगा और बेरोजगार युवाओं को नौकरी के अवसर प्राप्त होंगे।

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि अपने कार्यकाल में ऐसे ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी निर्णय लें, जिनसे लाखों लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आए। उन्होंने कहा कि सत्ता और पद हमेशा नहीं रहते। इसलिए जनता की सेवा के लिए मिले अवसर का उपयोग गरीबों और जरूरतमंदों के जीवन में उजाला लाने के लिए किया जाना चाहिए।

उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार होने से प्रदेश के हालात बदल सकते हैं तथा खुशहाली, समृद्धि, विकास, समानता, भाईचारे और न्याय की भावना मजबूत होगी।

अंत में अनिल कुमार मंगेट ने मुख्यमंत्री से अपील की कि गरीब और वंचित वर्गों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समय रहते ठोस निर्णय लिए जाएं, ताकि उन घरों में भी दीपावली के दीप जल सकें, जहां वर्षों से अभाव और परेशानियों का अंधेरा छाया हुआ है।

उन्होंने प्रदेश की समस्त जनता को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।

अनिल कुमार मंगेट (अधिवक्ता) पूर्व लोकसभा सांसद प्रत्याशी, शिमला संसदीय क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश।

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