*देवभूमि न्यूज 24*
शिमला : उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बीबीएमबी से जुड़े बिजली हिस्सेदारी के बकाया मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल प्रदेश की बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस फैसले से प्रदेश को हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है।
शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उद्योग मंत्री ने कहा कि बीबीएमबी परियोजनाओं में हिमाचल की बिजली हिस्सेदारी का अधिकार पहले से निर्धारित था, लेकिन पिछले 30 से 40 वर्षों के बकाये को लेकर विवाद चल रहा था। इस मामले में वर्ष 1996 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। वर्ष 2011 से प्रदेश को नियमित हिस्सेदारी मिलनी शुरू हुई थी। अब शीर्ष अदालत के ताजा फैसले से पुराने बकाये का लाभ मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है।
हर्षवर्धन चौहान ने इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की मजबूत कानूनी पैरवी और प्रभावी रणनीति को दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के स्तर पर भी लगातार मामला उठाया गया और देश के वरिष्ठ वकीलों की सेवाएं लेकर प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखा गया।
उद्योग मंत्री ने किशाऊ बांध परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके खर्च को पांच साझेदार राज्यों में बांटने पर सहमति बनने से हिमाचल को संभावित 3 से 4 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय बोझ से राहत मिली है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश के हितों से जुड़े मामलों को गंभीरता से आगे बढ़ाया है।
उन्होंने वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में हुए समझौते से भी प्रदेश को करीब 400 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2032 तक हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है।
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