पंडित सुखराम जी को विनम्र श्रद्धांजलि। पुरानी सुहृदयता पहचान को पुष्पांजलि

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पंडित सुखराम जी को विनम्र श्रद्धांजलि।
पुरानी सुहृदयता पहचान को पुष्पांजलि।।

देवभूमि न्यूज डेस्क

समूची तुंगल घाटी समेत हिमाचल प्रदेश में शोक छाया है। पंडित भवदेव के शक्ति सम्पन्न सुपुत्र महान राजनेता पंडित सुखराम को गंवाया है।।

आज समूची तुंगल घाटी समेत हिमाचल प्रदेश में शोक छाया है।
पंडित भवदेव के शक्ति सम्पन्न महान राजनेता सुपुत्र पंडित सुखराम को गंवाया है।।
विपन्न तुंगल घाटी को विकासोन्मुखी कायाकल्प योजनाओं व सड़क जाल बिछाया है। घर घर, गांव गांव, शहर शहर विकास क्रांति का विगुल बजाया है।
तु़ंगल इलाका वासियों , हिमाचल के साथ साथ रछेरा देव ने भी मातम मनाया है।।
पूर्वजों ने बताया था कि वह विकासवादी युग पुरुष देहाती मुश्किलें हटाने आया है।
उस विकास मसीहा सुखराम ने आज सर्वत्र सबको रूलाया है।।
दस भाई-बहनों का माता पिता परिवार में पंडित सुखराम ने विकास-इतिहास रचाया है।
तुंगल घाटी से पैदल घी के टीन ढोते पिता जी भवदेव का आशीर्वाद पाया है।।
चल पड़ा विकासवादी रथ पर सवार, पीछे मुड़कर नहीं देखा , षड्यंत्री सियासत ने भी शिकार बनाया है।
हिमाचल का कौटिल्य डिगा नहीं, मरते दम तक विकासोन्मुखी रास्ता दिखलाया है।।
वह मुख्यमंत्री बनते बनते सियासी सियारों ने जानबूझकर गिराया है।
उसके निर्मल यश विस्तार ने मरणोपरांत भी शत्रुओं को छकाया है।।
पंडित सुखराम के खिलाफ मनगढ़ंत सियासती षड्यंत्रों का तिलिस्म समाप्त हो गया है।
गति मति के अधिपति भगवान श्री विष्णु हरि ने पंडित सुखराम को विष्णु लोक में बुला लिया है।।

समूची तुंगल घाटी कदाचित निराश्रय नहीं है।
पंडित सुखराम के सपनों को साकार करने वाला आश्रय यहीं है।।
राजीव शर्मन