श्री मांडव्य नगर छोटी काशी में धर्म संस्कृति का महासंगम श्री एकादश रूद्र मंदिर-राजीव शर्मन

Share this post

श्री मांडव्य नगर छोटी काशी में धर्म संस्कृति का महासंगम श्री एकादश रूद्र मंदिर-राजीव शर्मन

देवभूमि न्यूज डेस्क

श्री मांडव्य ऋषि की तपोभूमि प्राचीन श्री मांडव्य ऋषि नगर जनपद छोटी काशी जिला मंडी धर्म संस्कृति संगम हेतु हिमाचल प्रदेश में सुविख्यात है।
पावन व्यास-गंगा मैय्या जिसका पौराणिक ऐतिहासिक नामकरण विपासा नदी है हजारों सालों से अनवरत बहती आ रही है। सेन वंशज राजाओं की रानी ने एकादश रूद्र मंदिर का निर्माण करवाया था। इस भव्य मंदिर को साहबणीं द्वाल्ला के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर में त्रय देवों के साथ साथ नवग्रहों की भी प्रतिमायें धार्मिक श्रद्धालुओं को स्वत: आकर्षण पैदा कर देती है। पिछले पचास सालों से इस मंदिर में स्वामी सत्त सुन्दरम जी एकादश रूद्र मंदिर को महातीर्थ स्थली बनवाने में आजीवन समर्पण भाव से सेवारत हैं। इन्हीं के अथक परिश्रम से वर्तमान में एकादश रूद्र मंदिर सनातन धर्म संस्कृति का महातीर्थ बन चुका है।
स्वामी सत्त सुन्दरम ने इसी एकादश रूद्र मंदिर में श्रावण मास महोत्सव की शुरुआत आज से चार दशक पहले शुरू की थी। श्रावण मास महोत्सव में अंखड शिव पंचाक्षरी मंत्र का पूरे श्रावण मास में अखंड पाठ आयोजित किया जाता है। कालांतर में स्वामी सत्त सुन्दरम के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन से एकादश रूद्र मंदिर का बहुविधि कायाकल्प किया जा चुका है। धार्मिक श्रद्धालुओं की समुचित व्यवस्था प्रबंधन उपलब्ध करवाई जाती है। एक बहुत बड़े सत्संग भवन का निर्माण भी किया गया है। श्री अन्न पूर्णा माता जी यहां पर स्वयं सिद्ध होकर विराजमान हैं। नित्यप्रति सदाव्रत भंडारे का आयोजन किया जाता है। व्यास नदी समीप एकादश रूद्र घाट का विहंगम अलौकिक दृश्य व्यास नदी के उस पार पठानकोट-कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग से भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। यहां पर एकादश रूद्र मंदिर परिसर में अलौकिक शांति चमत्कार एवं भक्ति भावना से धार्मिक श्रद्धालुओं को संतृप्ति एवं संसारिक त्रय तापों से छुटकारा मिलता है।
कालांतर में श्री स्वामी सत्त सुन्दरम ने प्राचीन व्यास-गंगा मैय्या जी की सार्वजनिक आरती के आयोजन से सभी धार्मिक श्रद्धालुओं में धार्मिक सांस्कृतिक आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के साथ-साथ नदी संस्कृति का मानवीय जीवन में श्रद्धानुगत भावना को ओत प्रोत करवाने में सफलीभूत सिद्ध हुयें है। गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी पर एकादश रूद्र घाट में व्यास-गंगा मैय्या में पुन्य स्नान का श्रद्धालु हर साल धार्मिक यश अर्जित करते आयें हैं।
वर्तमान में श्री मांडव्य नगर छोटी काशी के प्रबुद्ध धार्मिक श्रद्धालुओं की भावनाएं प्राचीन मांडव्य ऋषि से जुड़ी है। धार्मिक श्रद्धालुओं की अपेक्षाओं के अनुरूप श्री एकादश रूद्र मंदिर एवं श्री एकादश रूद्र घाट में मांडव्य ऋषि का भव्य मंदिर का जिला प्रशासन व हिमाचल प्रदेश सरकार को शीघ्रातिशीघ्र धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन जनहित में तत्काल निर्माण करवाया जाना चाहिए।
आजकल स्वामी सत्त सुन्दरम जी हर साल की तरह इस साल भी सालाना श्रावण मास महोत्सव मनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
श्री एकादश रूद्र मंदिर एवं एकादश रूद्र घाट से व्यास नदी की अविरल पावन धाराओं का अवलोकन किए बिना श्री मांडव्य नगर छोटी काशी जिला मंडी की यात्रा अधूरी मानी जाती है।
अतः इस एकादश रूद्र मंदिर,श्री एकादश रूद्र घाट और यहां पर प्राचीन मांडव्य ऋषि नगर जनपद के प्रणेता श्री मांडव्य ऋषि के भव्य मंदिर का निर्माण करा छोटी काशी के नाम को‌ यथार्थ में सफल सिद्ध करवाना चाहिए।