जिला मंडी की दस महाविद्याओं का शक्ति सम्पन्न देवी-देवताओं का गढ़ माना जाता है: श्री टारणा माता मंदिर

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जिला मंडी की दस महाविद्याओं का शक्ति सम्पन्न देवी-देवताओं का गढ़ माना जाता है: श्री टारणा माता मंदिर

देवभूमि न्यूज डेस्क
मंडी

प्राचीन श्री मांडव्य ऋषि नगर जनपद मांडव्य नगर छोटी काशी जिला मंडी देवी-देवताओं का शक्ति सम्पन्न गढ़ माना जाता रहा है। यह स्थल मंडी शहर से ऊंची पहाड़ियों पर जिला मुख्यालय से 2 कि०मी० पठानकोट पंजाब से 205 , मनाली से 107 , शिमला से 160 हमीरपुर से 75 किलोमीटर दूर स्थित भव्य धार्मिक पर्यटन स्थल है। इस मंदिर का निर्माण प्राचीन मांडव्य जनपद के सेन वंशज राजा श्याम सेन (ठीक्कर सेन) ने सोलहवीं शताब्दी में करवाया था।
श्री टारणा माता जी को पुरानी 363 पौड़ियों अथवा सड़क मार्ग से मंडी बस अड्डे से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी से भी अपने निजी बाहन से भी पहुंच सकते हैं।
सारे हिमाचल प्रदेश के साथ साथ, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कुल्लू-मनाली के सैलानियों के आकर्षण का केंद्र यह धार्मिक स्थल विभिन्न प्रकार की असुविधाओं के लिए भी जाना जाता है।
सर्वप्रथम यहां मंदिर परिसर टारणा माता जी की अपनी सरकारी भूमि होने के बावजूद यहां पर कोई धर्मशाला, टूरिज्म का रैस्टोरैंट अथवा कैफे नहीं खोला जा सका है। एक बहुत पुराना छोटा सा पार्क भी बदहाली का शिकार है।
इस स्थान के देवी-देवताओं की पुन्य भूमि कहा जाता है। यही कारण है कि श्री बड़ा देव कमरूनाग जी अंतराष्ट्रीय शिवरात्रि मेलों में सैंकड़ों सालों से यही विराजमान होते हैं।
टारणा माता जी की परिक्रमा में चौंसठ योगिनियों और भैरव का वास है। यही नहीं दस महाविद्याओं की भव्य कलाकृतियों का भी अलौकिक दर्शन यहां होता आया है।
श्री टारणा माता मंदिर में प्राचीन काल से ही मांडव्य जनपद के लोगों का महातीर्थ माना जाता रहा है। आज भी अटूट श्रद्धा होने से इसी स्थल पर विवाह मांगलिक कार्यों का संस्कार भी सम्पादित करते आये हैं।
सुविधाओं के अभाव में बहुत बड़ी कठिनाइयों का धार्मिक श्रद्धालुओं को सामना करना पड़ता है। इस धार्मिक स्थल को चहुं ओर से टिम्बर ट्राली परियोजना से जोड़ने की नितांत आवश्यकता है।
जय श्री टारणा माता जी।
श्री श्यामा काली जी के हवा महल से सारे श्री मांडव्य नगर छोटी काशी जिला मंडी का विहंगम दृश्य सदैव दृष्टिगोचर होता आया है।
नये नगर निगम को श्री टारना माता जी को चहुं ओर से मोतीपुर-कांगणी धार,रेहड़धार,गंधेरूजंगल-श्री गणपति-गणधब्बा धार और कैहनवाल-तल्याहड़ धार से टिम्बर ट्राली परियोजना से जोड़ कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिलवाना चाहिए। अतः नगर निगम मंडी, जिला प्रशासन और हिमाचल प्रदेश सरकार को प्राचीन श्री मांडव्य ऋषि नगर जनपद मांडव्य नगर छोटी काशी जिला के शक्ति सम्पन्न पीठ टारणा माता मंदिर को बहुविधि कायाकल्प द्वारा धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में बहुविधि विकसित करवाना चाहिए।

– *राजीव शर्मन*