सिरमौर के स्कूलों में सुविधाओं का अभाव, खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर नोनीहाल-प्रदीप चौहान

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सिरमौर के स्कूलों में सुविधाओं का अभाव, खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर नोनीहाल-प्रदीप चौहान

देवभूमि न्यूज डेस्क
कार्तिकेय तोमर

सिरमौर जिला के पावंटा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी आम जनमानस के मुद्दों को उठाने का लगातार प्रयास कर रही है और प्रदेश सरकार की नाकामियों लोगों के सामने रख रही है कि किस तरह से प्रदेश सरकार के राज में लोग परेशान झेल रहे हैं
भगानी जॉन के अध्यक्ष प्रदीप चौहान ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश के मुखिया सीएम जयराम ठाकुर शिक्षा व शिक्षक को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं हाल ही में दौरे में आकर उन्होंने के स्कूलों को अपडेट करने की बातें कही थी पर सच्चाई तो यह है कि आज भी स्कूलों में सुविधाओं का अभाव है छात्र खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।
उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब विधानसभा के आंज भोज क्षेत्र के राजकीय उच्च विद्यालय सुनाेग में आज भी छात्रों के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है। विद्यालय में 6 वीं से 10 वीं तक पांच कक्षाएं चल रही है लेकिन बैठने के लिए उचित व्यवस्था नहीं है।विद्यालय में पांच कक्षाएं चलाने के लिए पांच कमरों की जरूरत रहती है लेकिन अभी मात्र दो कमरों में ही कक्षाएं चल रही है।
जब मौसम साफ रहता है तो छात्र बाहर खुले मैदान में तपती धूप में बैठकर पढ़ाई करते है।जब मौसम खराब रहता है तो एक ही कमरे में दो कक्षाएं चलती है इसका मतलब दो कमरों में चार कक्षाएं चल रही है और एक कक्षा मुख्याध्यापक के कमरे में चलती है जब मौसम खराब रहता है।
ग्रामीण इलाकों में शिक्षा व्यवस्था के ये हालत जाहिर करते है कि प्रदेश सरकार शिक्षा की ओर बिलकुल भी ध्यान नहीं दे रही है और इसी वजह से ग्रामीण क्षेत्र से लोग शहरों में अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के लिए मजबूर है।
प्रदेश की भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। वर्ष 2019 में अंबोया में हुए जनमंच मे भी स्थानीय लोगो ने विधान सभा उपाध्यक्ष हंस राज के समक्ष यह समस्या रखी लेकीन सिवाए झूठे आश्वासन के कुछ प्राप्त न हुआ।
हालांकि पांवटा साहिब विधानसभा से सरकार में ऊर्जा मंत्री प्रतिनिधित्व कर रहे है वह भी अपने क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को सही करने में नाकाम साबित हुए है।
इसी तरह से कई स्कूल भवनों में इसी तरह की संचालन व्यवस्था देखने को मिल रही है।स्कूल में बच्चों के शौचालय और पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है।