जिला मंडी का श्री शीतला गौ-सदन डैहर, गोकुलधाम।
देवभूमि न्यूज डेस्क
मंडी
हिमाचल प्रदेश में बहुत सारी गो-शालायें अथवा गौ-सदन संचालित किए जा रहे हैं। इनमें गौ-सदन डैहर गोकुलधाम से कम नहीं है। जिला मंडी का श्री शीतला गौ-सदन डैहर गोकुलधाम की संज्ञा से विभूषित किया जाता है। प्रकृति के नैसर्गिक सौंदर्य में सतलुज नदी समीप इसका विहंगम दृश्य आनंदित कर देने वाला है। श्री शीतला गौ-सदन में प्रवेश करते ही गौ भक्त श्रद्धालुओं को अपनी ओर आते देख विभिन्न गौमाताओं का रंभाना अलौकिकता का संचार करता है। यहां पर गौमाताओं के छोटे-छोटे बछड़े-बछड़ियों के दिव्य दर्शन से गौ-सदन से बाहर आने का मन ही नहीं करता है।
लेखाकार को आज यहां गौ-सदन में जाने का सुअवसर प्राप्त हुआ।
श्री शीतला गौ-सदन डैहर सचमुच गोकुलधाम से कम नहीं है। सबसे बड़ी सुखद अनुभूति यह होती है कि श्री शीतला गौ-सदन का संचालन बड़ी तत्परता और कुशल प्रबंधन से किया जा रहा है। गौ-सदन की देख-रेख कर रहे सेवादारों ने यहां पर सफाई व्यवस्था का विशेष प्रबंधन किया हुआ है। गौमाताओं की देखभाल और उनकी चारा खुराक का विशेष ध्यान रखा जाता है। गौ-सदन को बहुत खुली जगह पर तकनीकी आधार पर निर्मित करवाया गया है। श्री शीतला गौ-सदन डैहर की प्रबंधन समिति ने बतलाया कि भविष्य में श्री शीतला गौ-सदन डैहर का विस्तार भी अपेक्षित है
चूंकि गौ-सदन में गौमाताओं की तादाद बढ़ती जा रही है। इस गौ-सदन के विस्तार हेतु पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि शीघ्रातिशीघ्र अलसु से सतलुज नदी समीप गौ-सदन डैहर का कच्चा रास्ता श्रद्धालुओं के लिए बहुत बड़ी दुविधा का कारण बना हुआ है। इसलिए गौ-सदन अलसु डैहर का कच्चा रास्ता तत्काल प्रभाव से पक्का करवाने की दरकार है। अतः स्थानीय इलाका वासियों की पुरजोर मांग है कि गौ-सदन डैहर गोकुलधाम को बहुविधि सुव्यवस्थित एवं कायाकल्प करवाने की गर्ज से सरकार को शीघ्रातिशीघ्र जनहित में गौ-सदन के कच्चे रास्ते को तत्काल प्रभाव से पक्का करवाया जाना चाहिए। यही नहीं गौ-सदन डैहर समीपवर्ती सड़क के दोनों किनारों पर छायादार वृक्षारोपण भी होना चाहिए। गौ-सदन डैहर के प्रांगण में श्रद्धालुओं के लिए भी समुचित व्यवस्था प्रबंधन हो ताकि वह आसानी से गौमाताओं को बारी बारी से दर्शन कर सके।
इसलिए गौ-सदन अलसु डैहर गोकुलधाम प्रांगण का भी विस्तारीकरण करवाया जाना चाहिए।
राजीव शर्मन