हिमाचल प्रदेश के अपराजेय कर्म योगी छायाकार श्री बीरवल शर्मा। हिमाचल दर्शन फोटो गैलरी संस्थापक वरिष्ठ पत्रकार द्वारा सिल्वर जुबली मनाई जा चुकी है।

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हिमाचल प्रदेश के अपराजेय कर्म योगी छायाकार श्री बीरवल शर्मा।

हिमाचल दर्शन फोटो गैलरी संस्थापक वरिष्ठ पत्रकार द्वारा सिल्वर जुबली मनाई जा चुकी है।

देवभूमि न्यूज डेस्क
मंडी

हिमाचल प्रदेश गौरव पुरस्कार से हाल ही में सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार बीरवल शर्मा किसी परिचय के मोहताज नहीं है। आज से लगभग पचास साल पहले मंडी जिला मुख्यालय के समखेतर बाजार लक्ष्मी स्टुडियो में एक युवा फोटो छायाकार से परिचय हुआ जो कि फोटोग्राफी में बेहद संजीदगी से कार्यरत था। बीरवल शर्मा मूलतः हमीरपुर जिला के बड़सर समीप एक कृषक परिवार में 21 अप्रैल 1957 में पैदा हुए। दुर्गम गांव की जटिल समस्याओं के बाद छायांकन के शौकीन रोजगार की तलाश में मंडी शहर में पहुंचे थे।
अपने हुनर, सहकारिता और वाकपटुता से सबका दिल जीतने वाले बीरवल शर्मा से मिलने वालों को कभी यह तनिक एहसास नहीं हुआ कि वह हमीरपुर जिला से मंडी आये हैं। उन्होंने यहां की धर्म-संस्कृति और विभिन्न सामाजिक संगठनों में जल्दी ही अपनी अभूतपूर्व पहचान कायम की। अस्सी के दशक में उन्होंने कालेज रोड मंडी में अपना बीरवल स्टुडियो स्थापित कर छायाकार के तौर पर अपना अपराजेय सफर प्रारम्भ किया।
इस दौरान पुरातत्त्व चेतना संघ और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से वह कर्मक्षेत्र में तल्लीन हो गये। श्री बीरवल शर्मा जी को अपने माता-पिता जी की मुकम्मल शुभ आशीर्वाद मिलता आया था। अभी हाल ही में उनके वृद्ध माता-पिता जी दोनों का देहावसान हो चुका है। माता पिता जी के अनन्य भक्त बीरवल शर्मा जी का कर्मक्षेत्र कभी भी मातृ-पितृ सेवा में बाधा नहीं बना। वह माता पिता जी की अन्तिम समय तक सेवा में पूर्णतया समर्पित रहे हैं। कर्मठ बीरवल शर्मा जी ने हजारों दुर्गम स्थलों की पैदल यात्रा करने का भी अभूतपूर्व एवं अद्वितीय रिकॉर्ड कायम किया है। वह अपनी जान की परवाह ना करके एक सैनिक की तरह काजा, लाहौल-स्पीति, चम्बा-भरमौर,कड़छम-किन्नौर,
सिरमौर समेत विभिन्न जिलों के बर्फानी क्षेत्रों का सर्दियों में भी छायांकन करने में सफल सिद्ध रहें हैं। बीरवल शर्मा का यह फोटोग्राफी शौर्य किसी युद्ध बांकुरे से कम नहीं आंका जा सकता है। यही कारण है कि हिमाचल प्रदेश भाषा,कला संस्कृति की अग्रणी मासिक पत्रिका विपासा और दैनिक गिरिराज में आज भी उनके दुर्लभ छाया चित्र लगातार प्रकाशित हो रहें हैं।
उस समय के तत्कालीन जिला भाषा एवं संस्कृति अधिकारी डाक्टर विद्या चंद ठाकुर जी ने बीरवल शर्मा को पत्रकारिता में लाने की अहम भूमिका निभाई थी।
बीरवल शर्मा, जनसत्ता के एक प्रसिद्ध पत्रकार के तौर पर अत्यंत प्रसिद्ध हुए। इसका पूरा श्रेय वह आज भी दिवंगत डाक्टर विद्या चंद ठाकुर जी को देते आये हैं।
बीरवल शर्मा जी के घुमक्कड़ी शौक ने हिमाचल प्रदेश के लगभग सभी जिलों व दुर्गम क्षेत्रों का भ्रमण कर हिमाचल प्रदेश के जनजीवन, धार्मिक पर्यटन स्थलों , झीलों, नदियों व पहाड़ी संस्कृति का छायांकन के माध्यम से बखूबी चित्रण किया।
सन् ईस्वी 1993 में इन छाया चित्रों की प्रदर्शनी मंडी के गांधी भवन में लगाईं गई थी। इस पर धर्म संस्कृति प्रेमियों ने बीरवल शर्मा जी को सुझाव दिया था कि इस फोटो प्रदर्शनी को एक स्थाई हिमाचल फोटो गैलरी के माध्यम से सृजित किया जाना चाहिए।
बस फिर क्या था ? एक ऐतिहासिक हिमाचल फोटो गैलरी का निर्माण कार्य पर अमल करना शुरू हुआ। बहुत शीघ्रता से विन्द्रावणी,साऊली खड्ड समीप व्यास नदी की कल कल बहती धाराओं के समीप मंडी -कुल्लू -मनाली रोड पर हिमाचल की पहली हजारों छाया चित्रों की हिमाचल दर्शन फोटो गैलरी 24 अप्रैल 1997 को स्थापित की गई।
आज हिमाचल दर्शन फोटो गैलरी अपनी रजत जयंती का सफल सफर तय कर चुकी है। देश-विदेश के पांच लाख से भी ज्यादा विभिन्न धर्म,कला, संस्कृति प्रेमियों के साथ साथ पर्यटकों का यह ऐतिहासिक फोटो गैलरी एक गहरी छाप छोड़ देती है। एक बार जब दर्शक हिमाचल फोटो गैलरी में प्रवेश करता है तो सारे हिमाचल प्रदेश के छाया चित्रों को देखकर मंत्रमुग्ध हो कर फोटो गैलरी से बाहर निकलना भूल जाता है। दर्शकों का ध्यानाकर्षण करवाना पड़ता है कि फोटो गैलरी को देखने का समय निर्धारित समयावधि है। इससे साफ जाहिर होता है कि बीरवल शर्मा एक सफल एवं मंजे हुए अपराजेय कर्मयोगी छायाकार हैं।
पिछले तीन सालों में हिमाचल फोटो गैलरी पर एक बहुत बड़ा संकट मंडराया हुआ गहराता चला गया था। दरअसल फोरलेन निर्माण की जद में हिमाचल फोटो गैलरी का अस्तित्व खतरे में था।
ऐसे में भी बीरवल शर्मा जी ने अपने अदम्य साहस के बलबूते एक महासंग्राम किया। बीरवल शर्मा जी ने एक बार नये सिरे से हिमाचल दर्शन फोटो गैलरी का बहुआयामी कायाकल्प करवाते हुए पुनर्निर्माण से सारे हिमाचल वासियों को अचंभित कर दिया है।
वर्तमान में हिमाचल प्रदेश की एक मात्र हिमाचल दर्शन फोटो गैलरी अपने नये स्वरुप में पहले से दोगुना-चौगुना-आठ गुना दर्शकों को आकर्षित करने में सक्षम सिद्ध हो गई है।
इसके लिए सचमुच बीरवल शर्मा जी की जितनी भी प्रशंसा एवं साधुवाद किया जाये तो शायद कम ही आंका जायेगा।
अगर आप जिला मंडी मुख्यालय में यात्रा पर गए हो तो मंडी शहर के बस स्टैंड से महज तीन किलोमीटर दूर‌ मंडी-कुल्लू-मनाली मुख्य सड़क व व्यास नदी समीप स्थित हिमाचल दर्शन फोटो गैलरी के दर्शन करना नहीं भूलना चाहिए।
इस फीचर के लेखाकार ने श्री बीरवल शर्मा जी को पिछले पचास सालों से बड़े नजदीक से संघर्ष करते देखा है। सर्वप्रथम बीरवल शर्मा जी से भेंट लक्ष्मी स्टूडियो में पांच दशक पहले हुई थी। विभिन्न पत्रकारों के सानिध्य में बीरवल शर्मा जी के बीरवल स्टुडियो कालेज रोड में सालों साल मिलते रहे हैं। अभी हाल ही में मंडी अपने पैतृक स्थान जाने पर उनकी दुकान पर तहेदिली की भेंट हुई। बीरवल शर्मा जी के जज्बे को सलाम करते हुए लेखनी को विराम देते हुए उनकी दीर्घायु की शुभकामनाएं
-राजीव शर्मन्