जिला मंडी की मंडयाली धाम और सेपू बड़ी का उल्लेख भारत के प्रधानमंत्री ने भी किया है।

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जिला मंडी की मंडयाली धाम और सेपू बड़ी का उल्लेख भारत के प्रधानमंत्री ने भी किया है।

देवभूमि न्यूज डेस्क
मंडी

शिव-शक्ति के मंदिरों की रमणीयता और व्यास नदी (विपाशा) की अमृत धारा का जिला मंडी मुख्यालय का प्राचीन शहर मांडव्य नगर छोटी काशी नामकरण से भी जाना जाता है।
इसमें रियासती काल से ही मंडयाली संस्कृति का अलौकिक प्रचार प्रसार और रहन सहन समूचे हिमाचल प्रदेश में एक अमिट छाप छोड़ता आया है।

पूर्वोत्तर में कुल्लू मनाली ,पश्चिमोत्तर जम्मू-कश्मीर, उत्तर पठानकोट कांगड़ा और दक्षिण में चंडीगढ़-अम्बाला को सड़क सुविधाओं का जाल फैलाया जा चुका है।
वर्तमान में धार्मिक पर्यटन को लेकर एक सौ पचास करोड़ का मुख्य मंत्री श्री जयराम ठाकुर जी का ड्रीम प्रोजेक्ट निर्माण चरमोत्कर्ष पर होने से शहर का बहुविधि कायाकल्प हो रहा है।यही नहीं जिला मंडी मुख्यालय के बल्ह में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने सचमुच नये मांडव्य नगर को महिमा मंडित कर दिया है।
यह जिला मंडी के लिए गौरवान्वित करने के क्षण है कि हिमाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री जी इसी जिला से संवन्धित है तथापि उनकी कर्म भूमि वल्लभ डिग्री कालेज रहा है जिसे उन्होंने गौरवशाली विश्वविद्यालय में परिवर्तित करके एक ऐतिहासिकता विकासोन्मुखी इबारत लिखवा दी है।

भारत के परम आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र दामोदरदास मोदी जी ने गत दिनों मंडी जिला मुख्यालय में अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा था कि मंडी आने पर श्री स्वयंम्भू बावा भूतनाथ जी, यहां की मंडयाली धाम और सेपू बड़ी,बदाणे़ के मीठे की याद आ ही जाती है। इससे मंडयाली की समृद्ध धार्मिक सांस्कृतिक आदान-प्रदान की विरासत का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
भारत के प्रधानमंत्री जी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने प्राचीन श्री मांडव्य नगर छोटी काशी जिला मंडी को एक सर्वांगीण विकास क्रांति की फेहरिस्त में सम्मिलित कर दिया है। इसके लिए दोनों का दिल की गहराइयों से हार्दिक साधुवाद किया जाये तो कोई अतिश्योक्ति नहीं हो सकती।

शिव-शक्ति के महासंगम में वर्तमान शिवधाम ने मंडी को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से समृद्धशाली नई मांडव्य नगरी में तब्दील कर दिया है।
आम जनता जनार्दन की मंडी को चहुंमुखी सर्वांगीण विकासवादी गतिविधियों को भी नया जन्म दिया है। इसमें व्यास नदी में अत्यधिक पर्यटन झील श्री मांडव्य ऋषि झील का निर्माण भी किया जाना वांछित है।

अतः भविष्य में पर्यावरण संरक्षण हेतु अत्याधुनिक श्री मांडव्य ऋषि झील का निर्माण भी प्रासंगिक हैं।
आशा की जानी चाहिए कि इस झील निर्माण के साथ साथ जिला मंडी की प्राचीन मांडव्य जनपद संस्कृति के मांडव्य नगर को भी अवश्य ही साकार किया जायेगा।

इस फीचर के लेखाकार की जन्म भूमि कर्म भूमि भी श्री मांडव्य नगर छोटी काशी जिला मंडी शहर रही है।
राजीव शर्मन
सोमभद्रा-स्वां नदी बाजार
अम्बिकानगर-अम्ब-177203