उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने की महिला जनसुनवाई
देवभूमि न्यूज डेस्क
मेरठ
उत्तर प्रदेश की राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने आज बचत भवन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की व महिला जनसुनवाई कर महिलाओ की समस्याओ का निस्तारण सुनिश्चित कराया। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह परस्पर समन्वय के साथ कार्य करें तथा महिला उत्पीड़न के मामलो को गंभीरतापूर्वक लेते हुये उसका गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित कराये। इस अवसर पर मा0 उपाध्यक्ष के समक्ष 36 महिलाओं ने अपनी समस्याएं रखी जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों को पीड़िता की हर संभव मदद करने के लिए निर्देशित किया।

बचत भवन सभागार में जनसुनवाई करते हुए मा0 उपाध्यक्ष श्रीमती सुषमा सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान में समानता की दृष्टि से महिला और पुरूष को समान मौलिक अधिकार दिये गये है। महिलाओं को भी समाज में पुरूषों के समान अधिकार प्राप्त है इसलिए वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहंे। उन्होने महिलाओं से कहा कि वह सरकार द्वारा संचालित महिला हेल्पलाइन 181 पर मदद लें। पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह यह सुनिश्चित करें कि महिलाएं न्याय व मदद पाने के लिये दर दर की ठोकरे ना खाये।
मा0 उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश श्रीमती सुषमा सिंह ने कहा कि महिलाएं समस्याओ से घबराएं नहीं उनका मुकाबला निड़रता के साथ करें, आयोग हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। उन्होने बताया कि राज्य महिला आयोग के व्हाट्स ऐप नंबर 06306511708 पर महिलाएं अपनी शिकायत भेज कर उसका निस्तारण करा सकती है।

बैठक उपरांत मा0 उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश श्रीमती सुषमा सिंह की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत कैली, विकास खंड खरखौदा में जागरूकता चैपाल का आयोजन भी किया गया। जिसमें मा0 उपाध्यक्ष द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओ की जानकारी दी गयी।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नगर दिवाकर सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी अजित कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत कुमार सिंह, सीएमओ डा0 अखिलेश मोहन, जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव, बीएसए योगेन्द्र कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 एन0एस0 मान, जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) पंखुरी जैन, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अनिल कुमार, महिला थाना प्रभारी एसएचओ आदेश कौर सहित पुलिस व अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।