अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय में सीवरेज डिवीजन खोलने की मांग।

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अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय में सीवरेज डिवीजन खोलने की मांग।

देवभूमि न्यूज डेस्क
ऊना

जिला ऊना के अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय के नौ वार्डों की मल-निकासी हेतु सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व सीवरेज प्रणाली की मूलभूत आवश्यकता जोर पकड़ रही है

गणेशोत्सव कमेटी के संयोजक ,अम्ब के समाजसेवी एवं आर०टी०आई० एक्टिविस्ट राजीव शर्मन् ने अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय में सीवरेज प्रणाली को जनहित में शीघ्रातिशीघ्र क्रियान्वित करवाने की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि इस समय समूचे अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय की पानी निकासी नालियों और मल निकासी की बहुत बड़ी समस्या पैदा हो रही है।
राजीव शर्मन् ने कहा कि अंधाधुंध निर्माण कार्यों और ग्राउंड वाटर संरक्षण की महाचुनौती गहराती चली जा रही है। सीवरेज प्रणाली को रोकना और अनदेखी करना पर्यावरणीय स्थिति हेतु आत्मघाती सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में हिमाचल सरकार और जिला प्रशासनिक अधिकारियों को सीवरेज प्रणाली लागू करने की हरसंभव कवायद शुरू कर देनी चाहिए। राजीव शर्मन् ने चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक और हमीरपुर लोकसभा के सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री श्री अनुराग ठाकुर जी से भी अम्ब में सीवरेज प्रणाली, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवरेज पाइपों को विछाने हेतु तत्काल सीवरेज डिवीजन खोलने की मांग की है।

जिला ऊना का अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय सबसे बड़ा सब डिविजनल मुख्यालय है। इस समय अम्ब नगर पंचायत के नौ वार्डों के जनसंख्या बहुल क्षेत्र में पानी निकासी की नालियां और मल निकासी की व्यवस्था बहुत बड़ा विकराल रूप धारण करने लगी है।
पर्यावरण की दृष्टि से भी यह बहुत बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
लगातार बढ़ती आबादी में धड़ाधड़ मकानों-दुकानों के निर्माण ने पानी निकासी और मल निकासी को जटिल बना दिया है। सैप्टिक टैंकों की बढ़ती प्रक्रिया में ग्राउंड वाटर प्रबंधन को प्रदूषित करने का संभावित खतरा मंडराता और गहराता नजर आ रहा है।
अम्ब नगर पंचायत के वार्ड नम्बर एक से लेकर नौ वार्डों तक का विस्तृत विश्लेषण करने से ज्ञात होता है कि वर्तमान में कोई भी पानी निकासी और मल निकासी का समुचित प्रावधान नहीं है। नगर पंचायत अम्ब ने कुछ वार्डों जैसे कि प्रोफैसर कलौनी वार्ड में टाईले बिछाई हैं और पानी निकासी नालियों की व्यवस्था ना होने से समूचे वार्डों में पानी निकासी और मल निकासी का भूमिगत सैप्टिक टैंकों ने ग्राउंड वाटर को प्रदूषित करने की प्राकृतिक समस्या पैदा कर दी है।

यह अत्यंत विचारणीय है कि देर सवेर विना नालियों के टायलों के पक्के रास्तों में देर सवेर सीवरेज पाइपों को विछाने हेतु रास्तों की अनावश्यक तोड़ फोड़ से नहीं बचा जा सकता है।
नगर पंचायत सीवरेज प्रणाली की व्यवस्थाओं को अमली जामा पहनाने से कितनी भी किनारा कसी कर ले, आने वाले भविष्य में। अम्ब उपमंडल के नौ वार्डों में सीवरेज प्रणाली हेतु सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का बनाया जाना प्रासांगिकता लिए हुए है।
इस सीवरेज प्रणाली की मांग और सत्यता को देखते हुए नगर पंचायत अम्ब को अभी से ही तैयारी कर लेनी चाहिए थी।
वर्तमान में अम्ब नगर पंचायत के समूचे नौ वार्डों में सीवरेज प्रणाली के लागू होने की तैयारी लगभग शून्य और अधर में लटकती नजर आती है।

भविष्य में अम्ब नगर पंचायत में सीवरेज डिवीजन की उपलब्धता से कदापि इन्कार नहीं किया जा सकता है।
ऐसे में सभी वार्डों के आधे अधूरे कच्चे-पक्के नालियों बगैर धड़ाधड़ बनवाये जा रहे रास्तों को सीवरेज प्रणाली की पाइपें बिछाने हेतु एक बार पुनः साकार करने की महाचुनौती से जूझना होगा।
अतः आने भविष्य की सीवरेज प्रणाली को मुहैय्या करवाने की गर्ज से जिला प्रशासन ऊना,टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग, स्थानीय उपमंडल अधिकारी नागरिक एस०डी०एम० तहसील अम्ब,खंड विकास अधिकारी अम्ब और नगर पंचायत अम्ब को इस बारे अभी से तैयारी में अवश्यंभावी जुटना होगा।
सीवरेज प्रणाली को जनहित में शीघ्रातिशीघ्र क्रियान्वित करवाने की दिशा में अभी से हर सम्भव ऐहतियाती कारगर तकनीक को अपनाने की हर सम्भव दरकार है।
अब देखना यह है कि स्थानीय नगर पंचायत अम्ब इस बारे सीवरेज प्रणाली की सच्चाई को कब तक नजर अंदाज़ करते हुए सीवरेज पाइपों को विछाने हेतु अभी से तैयारी की कोई तकनीक को अपनाती है अथवा नहीं।
इस बारे आम जनता जनार्दन की निगाहें टिकी हुई है। यह दीगर बात है कि इतने बड़े अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय में सीवरेज प्रणाली को जनहित में लागू करने में ज्यादा विलम्ब किसी को भी स्वीकार्य नहीं है।