सिरमौर में गृह मंत्री की आभार रैली की तैयारियों में जुटे हाटी
देवभूमि न्यूज डेस्क
जगत सिंह तोमर
400 गांव के लोग सिरमौर की पावन धरा पर स्वागत करने को तैयार
मोदी सरकार ने दी है जनजातीय दर्जे की बड़ी सौगात
सियासत की कुटिल चालों में न आएं युवा और आधी आबादी महिलाएं
हाटी विरोधी हो रहे घर-घर बेनकाब
अबकी बार देंगे हाटी के नाम पर वोट

केंद्रीय हाटी समिति देश के यशस्वी गृह मंत्री अमित शाह के सिरमौर दौरे की तैयारियों में जुट गई है। गिरिपार का हर एक हाटी मंत्री के स्वागत के लिए पलक पावडे बिछा कर खड़ा है। इस संबंध में समिति की शिमला इकाई के पदाधिकारियों ने शिमला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र ने अपना वादा पूरा किया, अब बारी हाटियों की है। हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉ रमेश सिंगटा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कपिल चौहान,चैयरमेन एमआर शर्मा, महासचिव अतर तोमर,भीम सिंह, गोविंद राणा,भीम सूर्या, दिनेश, आत्मा शर्मा, जगत ठाकुर, अनुज शर्मा आशु चौहान दलीप सिंगटा, बंसीलाल ठाकुर, मदन चौहान नीता राम चौहान फकीर नेगी,बिक्रम नेगी, मदनचौहान, खजान ठाकुर,दीपक चौहान ,गोपाल ठाकुर, सुरेश सिंगटा,सुरेश ठाकुर आत्मा राम भिलटा, रविंदर जस्टा, ऋत्विक, श्याम चौहान, केवल ठाकुर मामराज ठाकुर,कपिल कपूर नेकहा कि गिरिपार क्षेत्र में जन जागरण अभियान तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है 154 पंचायतों के तहत 400 गांव तक इसकी पहुंच होगी। अभी तक 4 विधानसभा क्षेत्रों के जिन गांव में अभियान छेड़ा गया है वहां से लोगों का अच्छा रिस्पांस सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हाटीयों के भविष्य को बेहतर बनाया है। अब खास तौर पर युवाओं को रोजगार के नए मौके मिलेंगे ।वह उच्च पदों पर नियुक्त हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि विरासत की सियासत करने वाले इस अभियान से बौखला गए हैं। उनकी सियासी चूलें हिलती नजर आ रही है। अब हाटी सेना अपने सुप्रीम कमांडर डॉ अमि चंद कमल और कुंदन सिंह शास्त्री की अगुवाई में हर एक गांव तक पहुंचेगी। केंद्र सरकार ने जिस तरह से बड़ा फैसला लिया है ,उसकी जानकारी दी जाएगी। जनजातीय दर्जा मिलने से क्या-क्या लाभ होंगे ,इसकी संपूर्ण जानकारी हर एक ग्रामवासी को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सिरमौर की संस्कृति मान सम्मान की संस्कृति रही है। एक दूसरे का सम्मान करना विरासत में मिला है, इसे बरकरार रखा जाएगा ।जो लोग सोशल मीडिया पर गाली गलौज कर रहे हैं, वह हाटी की समृद्ध संस्कृति का ताना-बाना छिन्न-भिन्न कर रहे हैं। ऐसे लोगों को उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि वे अपनी हरकतों से बाज आएं ,अन्यथा इन्हें इनकी ही भाषा में माकूल जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्ति विशेष के प्रति आस्था और निष्ठा रखने के बजाय उस सरकार के प्रति निष्ठा और आस्था रखें जिन्होंने हाटीयों के भविष्य को सुरक्षित किया है। जिन लोगों ने 55 सालों में हाटीयों को जनजातीय अधिकारों से वंचित रखा ।उनकी कुटिल सियासी चालों में कतई ना आए उन्होंने युवाओं, महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस मुहिम का हिस्सा बने।