गिरिपार क्षेत्र का ज्वलंत मुद्दा-“हाटी” समझना और समझाना होगा- प्रदीप सिंगटा

Share this post

गिरिपार क्षेत्र का ज्वलंत मुद्दा-“हाटी” समझना और समझाना होगा- प्रदीप सिंगटा

देवभूमि न्यूज डेस्क
शिलाई

आजकल विधान सभा चुनाव में गिरिपार क्षेत्र की भोली भाली जनता का ध्यान हाटी मुद्दे से भटकाने के लिए कुछ के नेताओं ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। आलोचना का स्तर इस कदर गिरा दिया है कि इनकी बयानबाजी को पढ़ने सुनने में भी ग्लानि होती है। पहले हाटी समुदाय की 14 उप जातियों के बीच जातिवादी बैमनस्यता पैदा करके सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास किया गया जिससे हुए नुकसान का एहसास कुछ जातियों को 2-3 सालों के बाद होगा।

अब एक और झूठ बार बार और जोर जोर से फैलाने की कोशिश की जा रही है कि हाटी मुद्दे पर कुछ हुआ ही नहीं। ऐसे लोगों को या तो मुद्दे की समझ ही नहीं है या बोलने की कुछ मजबूरी हो सकती है। यदि ये बयानवीर एथनोग्राफिक रिपोर्ट पर RGI द्वारा 13 अप्रैल को दी गई सहमति रिपोर्ट (concurrence report) और केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के मसौदे को पढ़े होते तो ऐसी ऊटपटांग की बयानबाजी नहीं करते। मित्रो हाटी मुद्दे पर सभी को वास्तविकता समझनी और समझानी होगी ताकि हमारी भोली भाली जनता में गलत संदेश नहीं जाए। केंद्रीय मंत्रिमंडल में पारित होने के बाद अब संवैधानिक संशोधन के लिए संसद में बिल लाया जाना है जो पूर्ण बहुमत की मोदी सरकार द्वारा निश्चित रूप में पारित होना है। तत्पश्चात राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित राजपत्र को हिमाचल सरकार की अधिसूचना के साथ रैवेन्यू रिकॉर्ड में जाति दुरुस्ती करते हुए हाटी शब्द जुड़ेगा और सभी हाटी लोगों को जनजाति के प्रमाण पत्र जारी होंगे। केंद्रीय हाटी समिति गिरिपार क्षेत्र की जनता से अपील करती है कि चुनाव प्रचार के गिरते स्तर में हाटी मुद्दे पर भ्रमित करने के लिए फिर भी बार बार झूठी अफवाहें फैलाई जाएंगी। हाटी समिति सच्चाई को जानता के सामने रखेगी। किसने कितना सहयोग किया और किसने बाधाएं डाली, आवश्यक होने पर सभी बातों को तथ्यों के साथ जनता के बीच उजागर किया जाएगा, विश्वास रखें हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जे का मार्ग प्रशस्त हो चुका है और क्षेत्र में हाटियों की 63% जनसंख्या होने पर एरिया भी जनजातीय अधिसूचित होगा। चुनाव में बिना दबाव के वोट देना सभी का विशेषाधिकार है फिर भी हाटी समिति वचनबद्ध है कि जिन प्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग से हाटी समुदाय को जनजाति का संवैधानिक अधिकार मिलने जा रहा है हम सभी उसका एहसास भी करें और एहसान भी चुकाएं। ये भावपूर्ण अपील हम जानता से करते हैं।