मंडी का अंतराष्ट्रीय महाशिवरात्रि पर्व में श्री स्वयम्भू बावा भूतनाथ मंदिर में सैंकड़ों देवी-देवताओं का महासंगम।-राजीव शर्मन

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मंडी का अंतराष्ट्रीय महाशिवरात्रि पर्व में श्री स्वयम्भू बावा भूतनाथ मंदिर में सैंकड़ों देवी-देवताओं का महासंगम।-राजीव शर्मन

देवभूमि न्यूज डेस्क
ऊना

श्री मांडव्य ऋषि नगर,छोटी काशी का महातीर्थ श्री स्वयम्भू बावा भूतनाथ।
आदि महा- शक्तियों का चिरकाल से अलौकिक शक्ति संचरण साथ साथ।।
पौराणिक जनपद के भैरव बटुकनाथ , पुरानी मांडव्य नगरी के त्रिलोकी नाथ।

श्री वाणसेन शासक वंशज, माध्यम स्वयं श्री सदाशिव अम्बिकानाथ।।
व्यास कुंड उद्गम स्थल,सदियों से बहती आई , विपाशा की पावन धारा।
पुरातन मांडव्य ऋषि तपस्थली , नूतन श्री मांडव्य जनपद ने सतत तारा।।
शिवाज्ञा शिरोधार्य स्वयं विपाशा की धाराओं में तैरती कामधेनु ब्रह्मसुता।
दुग्ध धारा से वीहड़ जंगलों में संतृप्त करवाती, स्वयम्भू जगत-पिता।।
गोपालक-ग्वाल ने चमत्कृत प्रकरण को पहुंचाया राजा अजवर सेन राज-दरवार।
रियासती राजा ने स्वयं देखा ब्रह्म सुता की दुग्धधारा का स्वयम्भू शिवलिंग चमत्कार।।
सन् ईस्वी 1527 में नई राजधानी श्री मांडव्य जनपद का श्री बावा भूतनाथ भव्य मंदिर निर्माण से हो गया ऐतिहासिक विस्तार।
नई नगरी में दस महाविद्याओं ने भी राज शासकों से करवाया कल्याणकारी संचार।।
राजकीय, शासकीय संस्कृति से स्वयं राजाओं ने किया मांडव्य जनपद में मंदिर संस्कृति विस्तार।
राजमहलों में भी मंदिर निर्माण और शासकीय अधिष्ठाता स्वयं हुए श्री कृष्ण माधवराज।
आज अंतराष्ट्रीय महाशिवरात्रि उत्सव में सैकड़ों देवी-देवताओं का महासंगम श्री बावा भूतनाथ।।

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