शिलाई एन एच 707 में गङ्गटोली के निकट बड़े वाहनों के लिए चौथे दिन भी नही खुला मार्ग

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शिलाई एन एच 707 में गङ्गटोली के निकट बड़े वाहनों के लिए चौथे दिन भी नही खुला मार्ग

देवभूमि न्यूज डेस्क
कार्तिकेय तोमर
शिलाई

सिरमौर जिला के पावंटा-शिलाई एनएच 707 गङ्गटोली के निकट पिछले चार दिनों से बड़े वाहनों के लिए बंद होने पर कार्य करने वाली कंपनी को एसडीएम कफोटा ने नोटिस जारी कर दिया है

बद्रीपुर-गुम्मा एनएच 707 पर शिलाई के गंगटोली के पास सड़क ध्वस्त होने से बड़े वाहनों की आवाजाही रूकने के मामले में एसडीएम ने कंपनी नोटिस जारी किया है। बीते बुधवार को एस डी एम कफोटा ने मौके के निरीक्षण के दौरान पाया कि सड़क बहाल करने का कार्य बंद था तथा मौके पर संबंधित कंपनी का कोई भी अधिकारी मौका पर मौजूद नहीं थे। एसडीएम गंगटोली पहुंचे लेकिन कंपनी के कोई भी अधिकारी नहीं मिले। एसडीएम शिलाई का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे एसडीएम कफोटा राजेश वर्मा ने मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और कंपनी को सड़क बहाल करने के निर्देश दिए

बद्रीपुर-गुम्मा नेशनल हाईवे 707 का निर्माण कार्य चला हुआ है। नेशनल हाईवे पर तीसरे फेस का निर्माण कार्य रूदनव इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को मिला हुआ है तथा गंगटोली के पास पहाड़ खोदकर सड़क को चौड़ा करने का कार्य शुरू किया किया जा रहा है। लेकिन पहाड़ से बड़ी बड़ी चट्टानें गिरने से सड़क का आधा हिस्सा ध्वस्त हो गया है। जिस कारण नेशनल हाईवे बड़े वाहनों के लिए सोमवार सुबह से बंद है।
नेशनल हाईवे के ध्वस्त होने के मामले में एसडीएम कफोटा राजेश वर्मा ने मोर्थ और संबंधित कंपनी को नोटिस जारी कर जल्द ही बड़े वाहनों के लिए सड़क बहाल करने निर्देश दिए है।
बुधवार को मौके पर सड़क बहाल करने का कार्य बंद था तथा मौके पर संबंधित कंपनी के कोई भी अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे।

उधर, नेशनल हाईवे बड़े वाहनों के लिए बंद होने के बाद कई बसों के रूट प्रभावित हुए है तथा दर्जनों बसें व ट्रक आधे रास्ते फंसे हुए है। जिस कारण 35 पंचायतों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
इस सम्बंध में मिनिस्ट्री ऑफ रोड़ ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विवेक पांचाल ने कहा कि नेशनल हाईवे के ध्वस्त होने के बाद संबंधित कंपनी को जल्द ही सड़क बहाल करने के निर्देश दिए गए है। पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण काम करना मुश्किल हो रहा है।

उधर इस सम्बंध में कम्पनी प्रोजेक्ट मैनेजर विजय कुमार मिश्रा ने बताया कि यदि प्रशासन जल्द बलास्ट की परमिशन देती है तो दो तीन दिन में मार्ग बड़े वाहनों के लिए खोला जा सकता है तथा बताया कि ब्लास्ट की परमिशन न मिलने पर इस पहाड़ को काटने में महीना लग सकता है