देवभूमि न्यूज 24.इन
प्रकृति में हर मौसम का महत्व है। भारत विशेषकर उत्तर भारत में तीन मौसम गर्मी बरसात और सर्दी बहुत ही अलग होते हैं। बरसात में मानसून की वर्षा अक्सर सुहावना मौसम बनाती है। वर्षा में आनंदित पल होते हैं जब सिन सिन वर्षा हो रही हो जैसे अभी हो रही है। शांत वातावरण में केवल वर्षा की मध्यम आवाज के साथ धीमी धीमी हवा आनंद दे रही है।
खरीफ फसल के लिए वर्षा बहुत ही जरूरी होती है। अधिक बरसात फसल को नुकसान भी पहुंचाती है।प्रकृति है इसे किसानों को सहना ही पड़ता है। हिमाचल प्रदेश में आजकल जान माल को भी नुकसान पहुंचा रही है। सभी सचेत रहें सुरक्षित रहें।
बरसात के समय पेड़ पौधे लगाने के लिए भी बहुत बढ़िया समय होता है। क्यों कि पेड़ पौधे नमी में अच्छे तरह से लग जाते हैं और फिर जड़ों को मिट्टी में गहराई तक पहुंचने में मदद मिलती है। दो तीन महीने में फुट दो फूट गहरी जड़ें मिट्टी में चली जाएं तो फिर थोड़ा बहुत सूखा पौधा सह लेता है।
क्योंकि धरती का तापमान बढ़ रहा है तो इसकी मुख्य वजह ग्रीनहाउस गैसेस हैं और इसमें कार्बन डाइऑक्साइड का भी बढ़ना एक कारक है। पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को कम करने में सहायक हैं क्योंकि पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण कर ऑक्सीजन छोड़ते हैं और अपने में कार्बन का भंडार करते हैं।
इसलिए हर नागरिक को पेड़ लगाने ही चाहिए। इससे आर्थिक लाभ भी होता है साथ में पर्यावरण भी बेहतर होता है। पेड़ लगाने से अभिप्राय है कि पेड़ लगे भी और फिर बचे भी। जंगल तो पर्यावरण के लिए बहुत जरूरी हैं इनकी भी सुरक्षा हम सब की जिम्मेदारी है। पहाड़ों में जितनी बाढ़ आ रही है इसका एक बहुत बड़ा कारण जंगलों की बरबादी भी है इसके लिए स्थानीय लोग ज्यादा जिम्मेदार हैं। सभी को अपने आस पास के जंगल बचाने ही चाहिए। आग से जंगलों का बहुत नुकसान होता है इसलिए आग न लगे इसकी जिम्मेदारी भी लोगों को लेनी होगी। हिमाचल प्रदेश में पिछले 25 से 30 वर्षों में जंगलों का बहुत नुकसान हुआ है। इसके कई कारण हैं पर मुख्य कारण लोगों का निजी स्वार्थ ही है। कुल्हाड़ी जंगल पर ही चलती है। वन विभाग यानी प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व इसकी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते हैं पर स्थानीय लोगों का उदासीन रवैया भी बहुत हद तक इसके लिए उत्तरदाई है।
कहीं लोग एक पेड़ मां के नाम की बात करते हैं कहीं जन्म दिवस पर पेड़ की बात होती है। पर पेड़ के लिए चिंतन हर समय होना ही है। पेड़ हमारी सांसें हैं इसलिए इनकी महत्ता बहुत है। हम पूरे हिमाचल प्रदेश के साथ पूरे देश में इस मुहिम का हिस्सा हैं। इसलिए अपनी पंचायत में हर घर को इस मुहिम का हिस्सा बना रहे हैं। जो परिवार जो भी पौधा लगाना चाहे उसे पौधा अवश्य मुहैया करवाया जाएगा और उससे लगवाया भी जाएगा। हम खुद भी सैकड़ों पेड़ लगाएंगे और अपने दोस्तों के प्रयास से अपने विधानसभा क्षेत्र के साथ जिला में भी पौधारोपण में सहयोग कर रहे हैं। धरती के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने में हम सभी को व्यापक स्तर पर काम करने की जरूरत है। आओ सभी इसका हिस्सा बने और अपनी आस्था के मुताबिक पूजन करते हुए धरती मां को संवारने में अपना योगदान अवश्य करें। जल मिट्टी जंगल का सरंक्षण हमारा ध्येय होना ही है।
जय हिंद जय प्रकृति
डॉ अशोक कुमार सोमल
स्वराज सत्याग्रही व पर्यावरण प्रेमी
लोकतान्त्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान