*देवभूमि न्यूक 24.इन*
सिरमौर जिला के उपमंडल शिलाई में भू बंदोबस्त के दौरान लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि 1969 के बंदोबस्ती चिन्ह को आधार न मानकर अन्यत्र स्थानों से जमीनों को नापकर कई मालिकों की जमीन गायब हो रही है और कई मालिकों को जमीनें बढ़ रही हैं। भू मालिको ने इस मामले को बंदोबस्त उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया जिसके पश्चात इस समस्या के समाधान के लिए
नायब तहसीलदार, भू व्यवस्था वृत शिलाई ने भूमि मालिकों की एक बैठक आयोजित की नायब तहसीलदार भू व्यवस्था वृत शिलाई ने बताया कि भू व्यवस्था कार्य के दौरान कब्जो की स्तिथि में उलटफेर पाया गया है जो सन 1969 में शामलात में हुई तकसीम के दौरान दखल न दिए जाने के कारणों से उत्पन्न हुई है इसलिए सहायक भू व्यवस्था अधिकारी के आदेश के अनुसार उस तकसीम की समीक्षा की सम्भावनाओ को तलाशा जा रहा है

1 अगस्त 2025 को गांव नाया में एक शिविर आयोजित किया गया था, जिसमें भूमि मालिकों ने अपनी आपत्तियों या समर्थन को लिखित रूप से दर्ज करवाया।
बैठक के दौरान कुछ लोगों ने बंदोबस्त में कार्यरत कर्मचारियों पर आरोप लगाए कि वे राजस्व रिकार्ड को लेकर प्रभावशाली लोगों के घर जाकर उनके कब्जे दर्ज कर रहे हैं।जिसके चलते सभी भू मालिको के व्यानात दर्ज न हो पाए वर्षा के कारण शिलाई के अधिकांश भू मालिक इस शिविर में उपस्तिथ न होने से भू मालिको की सुविधा के लिए शिलाई गांव के सामुदायिक भवन में एक बैठक शनिवार को तय की गई लेकिन गावँ में एक हुई मृत्यु के चलते बैठक स्थगित कर दी गई
जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा अगले बैठक में की जाएगी।