प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार,बेईमानी,धांधली,बदमाशी के दलदल में डूबे-डॉ अशोक कुमार सोमल

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देवभूमि न्यूज 24.इन
स्वराज सत्याग्रह यात्रा: भाजपा संघ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह भ्रष्टाचार बेईमानी झूठ ठगी धांधली बदमाशी के दल दल में डूबे हुए हैं। इसकी पोल तो चुनावों में फर्जी वोट से हो ही गई है। चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट इनकी ढाल बने हुए हैं। कभी CJI गगोई तो कभी चंद्रचूड़ या कहें लगभग दो चार को छोड़ जितने भी CJI और जजेस हुए सारे के सारे इनके जाल में फंसते ही गए। ऐसे ही राजीव कुमार और अब ज्ञानेश कुमार भी पूरी तरह भाजपाई संघी ही हैं और सारे नियम कानून को तंजाजली देते हुए इनके चुनाव जीतने की मशीन बने हुए हैं बिल्कुल जगजाहिर हो गया है।
भाजपा संघ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र और प्रदेश सरकारों पर जब भी कोई हिम्मत कर आरोप लगाता है तो वे पिछले 1947 से नेहरू शास्त्री इंदिरा और राजीव को गिनाने लगते हैं। मतलब बिल्कुल साफ है कि यदि कोई पहले छोटी मोटी वारदात हुई है तो इन लोगों को अब लाइसेंस मिल गया है कि वे भी करेंगे।
इलेक्ट्रोल बॉन्ड से घूस के पैसे सीधे भाजपा संघ के अकाउंट में गए और किसी भी एजेंसी जैसे सुप्रीम कोर्ट या चुनाव आयोग या फिर ED सीबीआई IT विभाग को जांच करवाने की हिम्मत नहीं हुई। कितनी विडंबना है कि सारे के सारे या तो डरे हैं या फिर इनसे मिलकर इस धांधली का हिस्सा बने हुए हैं। पूर्व CJI गगोई ने तो राज्य सभा की सीट लेकर चंद्र चूड़ भी अहम पद ले लिए इसी प्रकार अडानी को फायदा पहुंचाने वाले मिश्रा जिन्होंने सवाल करने पर सुप्रीम कोर्ट के ही वरिष्ठ वकील जो अपनी निष्ठा के लिए जाने जाते हैं उन पर मानहानि की तलवार लटकाई जो फिर उनके गले में ही फांस बनी और एक रुपए जुर्माना कर कुछ राहत पा कर अपना पीछा छुड़ाया। पर सवाल आज भी बने हैं और जवाब भारत के आवाम को देना ही होगा। ऐसे ही अब जब पूरा विपक्ष सत्ता के खेल को समझ कर हमलावर हुआ है तो ये लोग धौंस से चुप कराने लगे हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी तो 2014 से लगे हुए हैं इनकी जनता के सामने पोल खोलने जो फ्रांस से राफेल की डील में हुई गड़बड़ी से शुरुआत की जिसमें उन्होंने चौकीदार चोर का नारा दिया था पर उनकी आवाज को गोदी मीडिया और सुप्रीम कोर्ट ने भी दबाने का काम किया। 2019 लोकसभा चुनाव भी उन्होंने पुलवामा की वजह से आर्मी के शौर्य को ढाल बना कर जीत लिया और फिर तो भाजपा संघ ने अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई और चोरी से राज्यसभा में भी बहुमत बना कर पूरे जोर छोर से सत्ता का दुरुपयोग कर सारे सिस्टम को ही भाजपा संघ के रंग में ढाल लिया। फेहरिस्त लंबी है पर अभी उपराष्ट्रपति धनकड़ जो इनके बिल्कुल yes man की तरह काम कर रहे थे पता नहीं कहां चूक गए। घंटों में उनका इस्तीफा हुआ और वो पता नहीं कहां गायब हुए बड़ा ही अजीबो गरीब है। इसी तरह कोई जज मारा जाता है कोई बेगुनाह अधिकारी जेल भेजा जाता है और कोई बिना कसूर जेलों में सड़ाया जाता है। रवीश कुमार जैसे ईमानदार पत्रकार और NDTV जैसे चैनल को धौंस से अडानी को जबरन कब्जा करवाया जाता रहा है और पत्रकारों की रोजी रोटी पर ढाका डाला जा रहा है पता नहीं कितने लोगों को इनकी मार सहनी पड़ी। अब महाराष्ट्र में फडणवीस संघ के चहते एक नया सुरक्षा कानून लेकर आ रहे हैं जिसमें बिना किसी दलील अपील किसी भी नागरिक जो इनकी धांधलियों को उजागर करेंगे और सत्ता का शांतिपूर्ण विरोध करेंगे उन्हें अर्बन नक्सल यह एक नया फंडा निकाला है के नाम पर जेल में यातनाएं देने के लिए तैयारी कर ली है। ये लोग 1975 की इमरजेंसी को आज 50 साल बाद भी डंडोरा पीटते हैं पर इन्होंने बिना इमरजेंसी ही पूरे देश में आतंक फैलाया हुआ है इसके लिए जनता को मुंह नहीं खोलने देते। इमरजेंसी के बाद ईमानदारी से चुनाव हुए पूरी व्यवस्थाओं ने बड़ी ही निष्ठा से काम किया और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। आज वो रास्ते भी बंद हो गए हैं क्योंकि सुप्रीमकोर्ट से लेकर पूरी चुनावी मशीनरी ही अब भाजपाई संघी हो ली है तो लोकतंत्र बिल्कुल ही अंतिम सांसे गिन रहा है। जनता सड़कों पर निकलती है पर व्यवस्था बिल्कुल पंगु बना कर रख दी है यह देश के लिए बहुत बड़े संकट की घड़ी है। जो भी लोग आज लोकतंत्र और भारतीय संविधान और संस्कृति में विश्वास करते हैं वो इस निजाम को हराने के लिए आगे आएं। नहीं तो बहुत देर हो जाएगी। फिर बड़ी ही जिद्दोजहत करनी पड़ेगी।
आओ मिलकर देश के लोकतंत्र और संविधान के साथ भारतीय संस्कृति को बचाने में अपना योगदान करें शांति पूर्ण संघर्ष के लिए कमर कसें।
जय हिंद

डॉ अशोक कुमार सोमल
स्वराज सत्याग्रही व पर्यावरण एवं लोकतंत्र प्रेमी
लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान