पितृ पक्ष में लगेगा सूर्य व चंद्र ग्रहण, जानें क्या भारत में मान्य होगासूतक काल

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 *देवभूमि न्यूज 24.इन*

⭕पितृपक्ष की शुरुआत 7 सितंबर को होगी, जिस दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। पितृपक्ष का अंत 21 सितंबर को होगा, जिस दिन सूर्य ग्रहण लगेगा। जानें, ग्रहण का भारत पर क्या प्रभाव रहेगा-

पितरों को समर्पित पितृपक्ष इस साल 7 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। सितंबर के महीने में इस बार सूर्य और चंद्र ग्रहण लगने जा रहे हैं। खास बात यह है कि दोनों ही ग्रहण पितृपक्ष के दौरान लगने वाले हैं। पितृ पक्ष की शुरुआत व समाप्ति होने पर ग्रहण लगने वाला है। पितृ पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर को होगी, जिस दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। वहीं, पितृ पक्ष का अंत 21 सितंबर को होगा, जिस दिन सूर्य ग्रहण लगेगा। सूर्य ग्रहण सर्व पितृ अमावस्या पर लगने जा रहा है। आइए जानते हैं इस साल पितृ पक्ष के दौरान लगने वाले सूर्य व चंद्र ग्रहण का प्रभाव व सूतक काल भारत में मान्य होगा या नहीं-

🚩पितृ पक्ष में लगेगा सूर्य व चंद्र ग्रहण:- 7 सिंतबर को दिखने वाला चंद्र ग्रहण ब्लड मून के नाम से भी जाना जाएगा, जो लाल रंग का होगा। ग्रहण का आरंभ रात 8:58 मिनट और मोक्ष (समापन) 2.25 बजे तक होगा। यह ग्रहण शतभिषा नक्षत्र तथा कुंभ राशि पर होगा। भारत के अतिरिक्त इसे पश्चिमी प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, पूर्वी अटलांटिक महासागर अंटार्कटिका, एशिया, आस्ट्रेलिया, यूरोप आदि में देखा जा सकेगा।

🚩सूर्य ग्रहण- भारतीय समय के अनुसार, 21 सितंबर को सूर्य ग्रहण रात 10:59 से शुरू होगा। ग्रहण का समापन रात 03:23 पर होगा। यह सूर्य ग्रहण कन्या राशि और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा।

🚩जानें क्या भारत में मान्य होगा सूतक काल:- 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण का स्पर्श, मध्य, मोक्ष संपूर्ण भारत में दृश्यमान होगा। इसलिए यहां सूतक काल मान्य रहेगा। सूतक काल का प्रारंभ ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे के पहले से ही हो जाएगा। ग्रहण समाप्त होने पर सूतक काल भी समाप्त हो जाएगा।

21 सितंबर को आंशिक सूर्य ग्रहण लगेगा, जो भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए सूर्य ग्रहण का सूतक काल भी नहीं मान्य होगा।

               *🚩#हरिऊँ🚩*