देवभूमि न्यूज 24.इन
मणिमहेश यात्रा में अब तक 20 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 390 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और लगभग 1,000 श्रद्धालु अभी भी फंसे हुए हैं। यात्रा के दौरान विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं की सांस फूलने, ऑक्सीजन की कमी और अन्य कारणों से मौतें हुई हैं।
मृतकों की जानकारी:
14 अगस्त को भरमौर में देवेंद्र सिंह पुत्र गोपी राम निवासी जम्मू-कश्मीर की मौत हुई।
15 अगस्त को अक्षय कुमार पुत्र संजय कुमार निवासी सलूणी, गगन पुत्र तिलक राज निवासी बेधलपुरा, पंजाब और मनप्रीत पुत्र बलविंद्र निवासी पंजाब की मौत हुई।
17 अगस्त को सरवण सिंह पुत्र स्वर्ण सिंह निवासी पंजाब और शेखर पुत्र देवराज निवासी कांगड़ा की मौत हुई।
25 अगस्त को अमन निवासी सुजानपुर, रोहित पठानकोट, अनमोल गुरदासपुरा और दर्शना देवी की मौत हुई।
26 अगस्त को यात्रा पर निकलीं सलोचना देवी और कविता देवी की मौत हुई।
28 अगस्त को कुगति ट्रैक पर सागर भटनागर की मौत हुई।

फंसे हुए श्रद्धालुओं की जानकारी:
लगभग 1,000 श्रद्धालु अभी भी फंसे हुए हैं।
भरमौर में 1,200 के करीब श्रद्धालु कमरों में ठहरे हुए हैं।
प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं.¹ ²
भरमौर में खाद्य सामग्री का संकट:
भरमौर में खाद्य सामग्री की कमी हो गई है।
लंगरों में भी अब खाद्य सामग्री नहीं बची है।
शनिदेव मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोग श्रद्धालुओं को खाना खिलाने के साथ चायपान करवा रहे हैं।
आगे की स्थिति:
जिले में मौसम का रुख नहीं बदला तो आगामी दिनों में भरमौर में फंसे श्रद्धालुओं को खाने के लाले पड़ सकते हैं।
प्रशासन ने सभी यात्रियों को सुरक्षित कैंपों में ही रहने का निर्देश दिया है