राम सिंह मिया एपीएमसी चेयरमैन कुल्लू व लाहौल स्पीति ने आलम चन्द ठाकुर के निधन पर जताया दुःख

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देवभूमि न्यूज नेटवर्क
कुल्लू
हिमाचल प्रदेश

आलम चंद ठाकुर के निधन पर शोक की लहर दौड़ गई है। वह एक प्रसिद्ध व्यक्ति थे जिन्होंने अपने क्षेत्र में कई योगदान दिए हैं। आइए उनके जीवन और उपलब्धियों पर एक नज़र डालें:

व्यक्तिगत जीवन: आलम चंद ठाकुर 93 वर्ष की आयु में संसारिक यात्रा पूरी करके चले गए। वह अपने पीछे तीन बेटे, दो बेटी और छह पोते का विशाल परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर शोकाकुल परिवार से मिलने वालों का तांता लगा हुआ है और दूर-दूर से लोग दुःख दर्द बांटने पहुंच रहे हैं।
कृषि में योगदान: आलम चंद ठाकुर शैशर घाटी में सेब का बगीचा लगाने वाले पहले किसान थे। उनकी इस पहल ने क्षेत्र के किसानों के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया।

राजनीतिक जीवन: वह एक अच्छे राजनीतिज्ञ भी थे और क्षेत्र के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
सांस्कृतिक योगदान: आलम चंद ठाकुर कुल्लवी नाटी के किंग के रूप में जाने जाते थे, जो उनकी सांस्कृतिक विरासत में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

श्रद्धांजलि: APMC चेयरमैन राम सिंह मिया ने उनके निधन पर शोक प्रकट करते हुए परिवार के साथ दुःख दर्द सांझा किया है। आलम चंद ठाकुर के निधन से पूरी सैंज घाटी में शोक की लहर है